नूरी नगर में अवैध झोपड़ियों पर चला बुलडोज़र माफियाओं की साजिश उजागर
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jun 13, 2025
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भिवंडी। शहर के नूरी नगर इलाके में शुक्रवार को अवैध रूप से बन रही झोपड़ियों पर पालिका प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोज़र चला दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों में नाराजगी तो है ही, साथ ही इस कार्रवाई के पीछे प्रशासनिक निष्पक्षता और पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। भिवंडी महानगरपालिका में जब से आईएएस अधिकारी अनमोल सागर ने आयुक्त का पदभार संभाला है, लोगों को उम्मीद थी कि अब अवैध निर्माणों पर लगाम लगेगी। लेकिन हकीकत इसके उलट नज़र आ रही है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि अवैध इमारतों और झोपड़ियों का निर्माण पहले से चार गुना अधिक तेजी से हो रहा है।नूरी नगर में जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वहां चाली का अवैध निर्माण जोरों पर था। यह निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी था और इसकी कई शिकायतें प्रभाग समिति क्रमांक एक के सहायक आयुक्त मकसूम शेख को प्राप्त हुई थीं। सहायक आयुक्त मकसूम शेख ने बताया, "हमें शिकायत मिली थी कि कुछ माफिया तत्व गरीब जनता को गुमराह कर अवैध झोपड़ियां बनाकर उन्हें बेच रहे हैं। इस धोखाधड़ी के शिकार मासूम लोग बाद में समस्याओं में फंसते हैं। हमने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया है।"शेख के अनुसार यह कदम क्षेत्र की भलाई के लिए उठाया गया है, ताकि भविष्य में झुग्गी-बस्ती माफिया की जड़ें न जम सकें।
दूसरी ओर इस कार्रवाई को लेकर कई झोपड़ा धारकों में भारी आक्रोश है। "शब्बीर पाइप वाले’' ने पालिका प्रशासन पर रिश्वत लेकर झोपड़ियां तुड़वाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा,"कुछ प्रभावशाली लोगों ने मिलकर यह कार्रवाई करवाई है ताकि वे जमीन पर कब्जा कर सकें। शासन ने बरसात के मौसम में तोड़क कार्रवाई पर रोक लगाई है, बावजूद इसके पालिका ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की है।" शब्बीर का दावा है कि यह केवल अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है जिसका उद्देश्य ज़मीन पर कब्जा करवाना है।महाराष्ट्र शासन की ओर से मानसून के दौरान झुग्गियों और झोपड़ियों पर किसी भी प्रकार की तोड़क कार्रवाई पर रोक का आदेश है। ऐसे में नूरी नगर में की गई यह कार्रवाई नियमों के खिलाफ मानी जा रही है। दक्ष नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि यदि वास्तव में यह अवैध निर्माण था, तो कार्रवाई मानसून पूर्व की जाती। बरसात के पहले दिन गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोज़र चलाना अमानवीय है। शहर में अवैध निर्माण और झुग्गी बस्ती माफियाओं का जाल लगातार फैलता जा रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और निरंतरता ही इस समस्या का समाधान हो सकती है। लेकिन जब ऐसी कार्रवाई केवल कुछ चुनिंदा जगहों तक सीमित हो जाए और बाकी क्षेत्रों में आंख मूंद ली जाए, तो जनता का विश्वास डगमगाने लगता है।


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