भिवंडी कांग्रेस में पुराना पोस्टर, नई लापरवाही !

क्या नये प्रदेश अध्यक्ष को मानने से कतरा रही है लोकल इकाई ?

भिवंडी। महाराष्ट्र कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद भी भिवंडी कांग्रेस की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। आलाकमान द्वारा हर्षवर्धन सकपाल को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए दो महीने हो चुके हैं, लेकिन भिवंडी कांग्रेस के मुख्यालय की दीवारों पर अब भी नाना पटोले मुस्कुराते नज़र आ रहे हैं।

क्या यह लापरवाही है या जानबूझकर दिखाया गया अवज्ञा ? :::::

पार्टी के पर्यवेक्षक जिया पटेल का हालिया दौरा भले ही संगठन की मजबूती के मकसद से हुआ हो, लेकिन जो तस्वीर बाहर आ रही है, वह पार्टी के अंदर गहराई से पसरी असहमति और खींचतान को उजागर कर रही है। सूत्रों की मानें तो भिवंडी संगठन के कई कार्यकर्ताओं ने न केवल पुराने अध्यक्ष रशीद ताहिर मोमिन के कार्यकाल पर सवाल खड़े किए, बल्कि जिया पटेल से कार्यालय में मिलने से इनकार करते हुए बाहर ही उन्हें संगठन की खामियों से अवगत कराया और बदलाव की मांग उठाई।

शहर अध्यक्ष पद की रेस में आधा दर्जन दावेदार ! :::::

भिवंडी कांग्रेस में नेतृत्व संभालने की होड़ तेज़ हो गई है। सूत्र बताते हैं कि शहर अध्यक्ष पद के लिए शोहेल खान, इकबाल सिद्दीकी, रानी अग्रवाल, डॉ. नूर, आविद मन्सफ और तल्हा मोमिन जैसे नामों की चर्चा जोरों पर है। फिलहाल पार्टी की योजना पहले पांचों ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति कर फिर शहर अध्यक्ष के चयन की है।

सवालों में घिरा है भिवंडी कांग्रेस कार्यालय :::::

सबसे बड़ी बात यह है कि भिवंडी कांग्रेस कार्यालय के जनसंपर्क बोर्ड पर आज भी नाना पटोले को ही प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर दर्शाया गया है, जबकि हर्षवर्धन सकपाल की नियुक्ति की घोषणा पार्टी आलाकमान ने सार्वजनिक तौर पर कर दी थी। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम और नाराज़गी का माहौल बन रहा है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है—क्या भिवंडी कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन को स्वीकार करने से कतरा रहा है? या फिर यह एक संकेत है कि पुराने गुटों की जड़ें अभी भी मजबूत बनी हुई हैं ?

रिपोर्टर

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