भिवंडी पालिका में शुल्क की गड़बड़ी सूचना अधिकारी परदेसी ने किया RTI शुल्क में अनुचित वसूली, खुलासा हुआ अज्ञानता का
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Mar 27, 2025
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भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका में सूचना के अधिकार (RTI) के शुल्क को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिससे नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, सूचना व जनसंपर्क विभाग के प्रभारी अधिकारी श्रीकांत परदेसी ने RTI के तहत मांगी गई जानकारी के लिए निर्धारित शुल्क 2 रूपये प्रति पृष्ठ के बजाय 3 रूपये प्रति पृष्ठ वसूल कर नियमों का उल्लंघन किया है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन पर गलत शुल्क वसूली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार, प्रति पृष्ठ शुल्क 2 रूपये होना चाहिए, लेकिन परदेसी ने अतिरिक्त 1 रूपये प्रति पृष्ठ वसूला, जिससे उनकी अज्ञानता या लापरवाही उजागर हुई है। यह मामला अब आरटीआई प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।
श्रीकांत परदेसी ने मनपा में कई वर्षों तक क्लर्क और विभिन्न आयुक्तों के पीए के रूप में कार्य किया है, जिससे यह उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें नियमों की सही जानकारी होगी। लेकिन उनके इस कदम ने न केवल उनकी प्रशासनिक समझ पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि उनकी कार्यशैली पर भी संदेह पैदा किया है। सूत्रों के अनुसार, परदेसी को पूर्व आयुक्त अजय वैद्य और वर्तमान आयुक्त अनमोल सागर का करीबी माना जाता है। इसी कारण, उनके खिलाफ शिकायतें होने के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले के सामने आने के बाद भिवंडी के नागरिकों और RTI कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि इस तरह के नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में आरटीआई प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर खतरा मंडरा सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल गनी ने पालिका आयुक्त व उपायुक्त ( मुख्य) को निवेदन पत्र देकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और श्रीकांत परदेसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, अतिरिक्त वसूले गए शुल्क को लौटाने का आदेश देने की भी अपील की गई है।


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