इंद्रपुरी सिंचाई कॉलोनी में 162 अवैध कब्जेदारों पर शिकंजा


30 दिन में आवास खाली करने का अल्टीमेटम


रोहतास। वर्षों से अवैध कब्जे का दंश झेल रही इंद्रपुरी सिंचाई कॉलोनी में अब जल संसाधन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने कॉलोनी के 162 अवैध कब्जाधारियों को 30 दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया है। कार्रवाई नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काटने के साथ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जल संसाधन विभाग की ओर से निर्मित कॉलोनी में कुल 211 आवास हैं, लेकिन इनमें महज 49 आवास ही विभागीय कर्मचारियों को आवंटित हैं। विभाग के अनुसार शेष 162 आवासों पर अनधिकृत रूप से लोग रह रहे हैं। इनमें कुछ लोग लंबे समय से, यहां तक कि पांच दशक से अधिक समय से, कब्जा जमाए हुए हैं।


आवास बना कारोबार का ठिकाना


विभाग के अनुसार कई आवासों का इस्तेमाल रहने के बजाय दुकान, पंडाल, टेंट और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा आवास किराये पर देने की बात भी सामने आई है। विभाग का आरोप है कि कुछ लोग दूसरी जगह नौकरी करते हुए आवास भत्ता लेने के बावजूद यहां बिजली-पानी की सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। विभाग के मुताबिक अनधिकृत कब्जे और बिजली के उपयोग के कारण कॉलोनी का मासिक बिजली बिल करीब 8.50 लाख रुपये तक पहुंच रहा है।


30 दिन बाद होगी कार्रवाई


अवर प्रमंडल पदाधिकारी, बराज एवं शिविर इंद्रपुरी संजय कुमार झा ने सभी अवैध कब्जेदारों को 30 दिन के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया है। विभाग ने एक अक्टूबर को वरीय अधिकारियों के साथ इंद्रपुरी व तिलौथू थानाध्यक्ष, अंचलाधिकारी तथा कनीय अभियंताओं को भी कार्रवाई की जानकारी दी है। निर्धारित अवधि में आवास खाली नहीं करने पर विभाग विद्युत कनेक्शन काटने और बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग से संबंधित नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई करेगा। अब निगाह इस बात पर है कि वर्षों से जमे अवैध कब्जे पर विभाग की यह कार्रवाई जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

रिपोर्टर

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