जिला पदाधिकारी के निर्देश के बावजूद भी अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक द्वारा कागजात आगे बढ़ाने में लिया गया रिश्वत
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Sep 27, 2026
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ऑनलाइन रिश्वत की राशि प्राप्त करने के बाद 144 लगाने की अनुशंसा की कागजात किया गया सुपुर्द,तो किसी भूमि पर 144 लागू होने के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन से मिलीभगत कर द्वितीय पक्ष कर रहा कार्य
अधिकांश राजस्व कर्मियों द्वारा अवैध धन उगाही हेतु दो-तीन प्राइवेट सहयोगी रखने का आरोप अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा जांच कर होगी तत्काल कार्रवाई
अखिल भारतीय समाचार टीम
कैमूर---- जिले के कुदरा अंचल कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक द्वारा भूमि विवाद मामले में, कैमूर जिला पदाधिकारी के निर्देश के बावजूद भी पीड़ित पक्ष से लिया गया रिश्वत, ऑनलाइन राशि प्राप्त करने के बाद 144 लगाने की अनुशंसा की कागजात किया गया पीड़ित के सुपुर्द।
पीड़ित कुदरा अंचल क्षेत्र अंतर्गत देवराढ़ गांव निवासी सूर्यकांत त्रिपाठी पिता कृपा शंकर तिवारी से-
मिली जानकारी के अनुसार। मौजा देवराढ़ कलां, थाना क्रमांक-- 643, खाता क्रमांक-- 06, खेसरा-- 1545, रकबा 2.05 डीसमिल भूमि पीड़ित की पत्नी नीतू कुमारी के नाम पर अंकित है, जिसका दाखिल खारिज शुद्धि पत्र सहित मालगुजारी रसीद भी उपलब्ध है। जिसे ग्राम वासी सुरेंद्र चौधरी द्वारा तीन वर्षों से जबरदस्ती दखल कब्जा किया जा रहा है, हस्तक्षेप करने पर सुरेंद्र चौधरी द्वारा पूर्व में एससी एसटी एक्ट में भी मामला दर्ज कराया गया था। जिनके द्वारा वर्तमान में उक्त भूमि पर गृह निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिसे रोकने हेतु पीड़ित द्वारा अंचल पदाधिकारी सहित स्थानीय थाना प्रशासन से महीनों से गुहार लगाया जा रहा है, पर स्थानीय पदाधिकारीयों द्वारा किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं किया गया। अंततः पीड़ित द्वारा विगत शुक्रवार को जिला पदाधिकारी कैमूर कुमार अनुराग से गुहार लगाया गया। जिनके द्वारा अंचल पदाधिकारी को विवादित भूमि पर शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु 144 की कार्रवाई हेतु अनुशंसा का निर्देश दिया गया। परिणाम स्वरूप अंचल पदाधिकारी द्वारा राजस्व कर्मी को निर्देशित किया गया। पीड़ित का आरोप है कि राजस्व कर्मी द्वारा जांच कर प्रतिवेदन आगे बढ़ाने हेतु रिश्वत के तौर पर 500 रूपए नगद लिया गया। वही जब प्रतिवेदन प्रधान लिपिक बाढ़ु राम के पास पहुंचा तो उनके द्वारा कहां गया कि कोई भी कार्य ऐसे नहीं होता है, रिश्वत की मांग किया गया। जब पीड़ित ने कहा कि हमारे पास पैसा नहीं है तो उनके द्वारा कहा गया कहीं से भी मंगाकर दो, अंततः पीड़ित द्वारा फोन पे के माध्यम से प्रधान लिपिक के नंबर पर अपने पत्नी नीतू कुमारी से समय लगभग 5: 23 बजे 500 रूपए डलवाया गया।
जिसके बाद प्रधान लिपिक द्वारा 5:25 बजे 144 की अनुशंसा की कागजात पीड़ित के व्हाट्सएप नंबर पर भेजा गया।
जबकि नियमानुसार कार्यालय से संबंधित कागजात कार्यालय में कार्यरत कर्मियों अलावा अन्य के सुपुर्द नहीं किया जा सकता। पर रिश्वत की 500 रूपए मिलते ही प्रधान लिपिक द्वारा नियमों की भी अनदेखी किया गया। मामले में पीड़ित ने अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की जांच और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। मामला संज्ञान में आने के बाद जब मीडिया कर्मियों द्वारा अंचल पदाधिकारी से वार्तालाप किया गया तो उनके द्वारा कोई भी विश्वास जनक जवाब नहीं दिया गया। वही अंचल परिसर में उपस्थित अंचल क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी नंद जी सिंह व पठखौलिया गांव निवासी रिंकी देवी-
द्वारा बताया गया की भूमि विवद में बहुत दिनोंं सेचक्कर लगाने के बावजूद भी स्थानीय पदाधिकारीयों द्वारा कोई विश्वास जनक कार्य नहीं किया गया, जब उच्चच पदाधिकारीयों के पास पहुंचे तो भूमि पर 144 लागू किया गया। जिसके बावजूद भी द्वितीय पक्ष द्वारा जबरदस्ती कार्य किया जा रहा है। वही अन्य आवेदकों का आरोप हैं, कि अवैध धन उगाही हेतु अंचल क्षेत्र अंतर्गत कार्यरत अधिकांश राजस्व कर्मियों द्वारा 2 से 3 प्राइवेट सहयोगी भी रखा गया है। संदर्भ में मोहनियां अनुमंडल पदाधिकारी रत्ना प्रियदर्शनी से-
जब वार्तालाप किया गया तो उन्होंने कहा कि रिश्वत लेने के आरोपी प्रधान लिपिक के विरुद्ध मिली शिकायत की जांच किया जा रहा है साथ ही अन्य रिश्वतखोरी की मामलों का जांच कर तत्काल कार्रवाई किया जाएगा।


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