मोहनियां अंचलाधिकारी पर डीएम की सख्ती, लंबित राजस्व मामलों पर मांगा स्पष्टीकरण
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Sep 29, 2026
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डीसीएलआर जांच में सामने आई लापरवाही, दाखिल-खारिज और परिमार्जन के हजारों मामले लंबित
ब्यूरो चीफ संदिप कुमार
कैमूर:-- मोहनियां अंचल में राजस्व मामलों के निष्पादन में कथित लापरवाही को लेकर जिला पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को अंचल कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लंबित मामलों और अभिलेखों के संधारण में अनियमितताएं मिलने पर जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। जानकारी के अनुसार, राजस्व मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने पूर्व में भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) से जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में कई मामलों को बिना पर्याप्त कारण लंबे समय तक लंबित रखने की बात सामने आई। इसी के आधार पर अंचलाधिकारी से जवाब मांगा गया है। निरीक्षण में पाया गया कि मोहनिया अंचल में दाखिल-खारिज के 3,208 आवेदनों में से 701 मामले अब भी लंबित हैं। इनमें कई मामले निर्धारित समय-सीमा से काफी अधिक अवधि से लंबित पाए गए। वहीं परिमार्जन के 1,944 मामले भी निष्पादन की प्रतीक्षा में हैं, जिसे लेकर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताई।
अतिक्रमण से जुड़े 360 मामलों में से 173 मामलों का निष्पादन नहीं हो सका है। इसके अलावा भूमि विवाद और सरकारी भूमि अतिक्रमण से संबंधित संचिकाओं एवं अभिलेखों के रखरखाव में भी कमियां पाई गईं। जिला पदाधिकारी ने सभी लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और अभिलेखों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आम जनता से जुड़े राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मोहनियां अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में आ गई है, जबकि लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर आम लोगों की निगाहें अब प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं।


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