राष्ट्र में विद्वेष फैलाने वाले जातिवादी कानूनों के विरुद्ध, राष्ट्रवादियों ने निकाला आक्रोश मार्च
- आशुतोष कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ बिहार
- Sep 19, 2026
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वक्ताओं ने कहा कोई मां की कोख को चुनौती दे रहा है तो कोई पागल खाने जाने को कह रहा है, जब वक्त आएगा तो उन्हें औकात पता हो जाएगा
राष्ट्रवादियों के हुंकार से गुंजा आसमान
बिहार---- कैमूर जिले के रामगढ़ नगर पंचायत में प्रखंड क्षेत्र के राष्ट्रवादियों ने राष्ट्र में विद्वेष फैलाने वाली जातिवादी कानूनों के विरुद्ध निकाला आक्रोश मार्च, वक्ताओं ने कहा कोई मां की कोख को चुनौती दे रहा है तो कोई पागल खाने जाने को कह रहा है, पर जब वक्त आएगा तो उन्हें उनकी औकात पता लग जायेगा।
आपको बता दें कि सत्ता की लोलुपता में राष्ट्र के तथा कथित नेतृत्वकर्ताओं द्वारा सदैव सत्ता में बने रहने के लिए सत्ता के मद्द में चूर हो जातिवादी कानूनों को लागू किया गया, साथ ही दिन प्रतिदिन बढ़ाया भी जा रहा है। जिससे राष्ट्र की प्रगति तो बाधित है ही समाज व राष्ट्र में वैमनस्यता फैलने की वजह से समाज व राष्ट्र की एकता अखंडता छिन्न-भिन्न हो रहा है। जिसके विरुद्ध राष्ट्र के कोने-कोने से राष्ट्रवादियों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। जिस क्रम में शनिवार को रामगढ़ प्रखंड क्षेत्र के नोनार, बड़ौरा, नरहन, जमूरना, बांदीपुर, गोड़सरा, मछुवर, छेवरी, बिदामनचक, सिजुआ, दहरक, साहुका, अंवारी सहित प्रखंड क्षेत्र के तमाम गांवों से हजारों हजार राष्ट्रवादियों द्वारा रामगढ़ नगर पंचायत स्थित ग्राम भारती महाविद्यालय पहुंच राष्ट्र की समस्याओं पर गहन चर्चा किया गया।
वक्ताओं ने कहा कोई मां की कोख को चुनौती दे रहा है तो कोई पागल खाने जाने को कह रहा है। पर उन मूर्खो को यह पता नहीं है कि वह जो कह रहे हैं, या जो मनमाना कानून बना रहे हैं सर्वसम्मति से, वह अपराध है। जब राष्ट्र के संविधान में यह स्पष्ट है कि धर्म, जाति, लिंग या क्षेत्र के आधार पर किसी के साथ द्वेष रखने या अधिकारों से वंचित करना अपराध है, तो ऐसे कानून किस आधार पर लागू हुआ और आगे दिन प्रतिदिन बढ़ाया जा रहा है?उन्हें यह पता होना चाहिए कि जब तक सवर्ण समाज बर्दाश्त कर रहा है तभी तक अन्यथा उनकी औकात का पता चल जाएगा। उक्त स्थल से शुरू पैदल मार्च रामगढ़ थाना तक पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग हाथों में मांगों और विरोध से जुड़े बैनर-पोस्टर लेकर मार्च करते नजर आए।मार्च के दौरान राष्ट्रवादियों ने विभिन्न राजनीतिक नेताओं के खिलाफ भी नारेबाजी की। खास तौर पर सवर्ण समाज से जुड़े विधायक और सांसदों के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए गए। उन्होंने कहा समाज अपनी बात मजबूती से रखने के लिए सड़क पर उतरा है और आने वाले समय में जवाब दिया जाएगा। सरकार राष्ट्रहित में यदि हमारी बातों को नहीं मानती है तो आगे जबरदस्त विरोध किया जाएगा।


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