17 सितंबर काला दिवस के रूप में मनाने का आरक्षण विरोधी राष्ट्रभक्तों ने किया आवाहन

सोशल मीडिया के माध्यम से मोदी को जातिगत कानूनों की बढ़ोत्तरी का जिम्मेवार मान उनके जन्मदिन के अवसर पर 5 मिनट लाइट बंद कर शोक व्यक्त करने की अपील

अखिल भारतीय समाचार टीम 

बिहार---- राष्ट्र के आरक्षण विरोधी राष्ट्रभक्तों ने 17 सितंबर काला दिवस के रूप में मनाने का किया आवाहन, सोशल मीडिया के माध्यम से मोदी को जातिगत कानूनों की बढ़ोतरी का जिम्मेवार मान उनके जन्मदिन के अवसर पर 5 मिनट लाइट बंद कर शोक व्यक्त करने की अपील।

आपको बताते चलें कि 17 सितंबर को नरेंद्र मोदी का जन्म दिन है, जिस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा पार्टी द्वारा नरेंद्र मोदी को अपना नायक मान राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा सायं 7:00 बजे दीप जला दीर्घायु: की कामना हेतु अपील किया गया। तो वहीं आरक्षण विरोधी संगठन राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ सहित

अनेकों संगठन व अनेकों राष्ट्रभक्तों द्वारा नरेंद्र मोदी को राष्ट्र का खलनायक मान सोशल मीडिया के माध्यम से काला दिवस के रूप में मनाते हुए शायं 7:00 बजे के बाद 5 मिनट लाइट बंद कर शोक व्यक्त करने की अपील किया गया।

सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जातिगत कानूनों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध दर्ज कराने की अपील की गई है। पोस्ट के अनुसार, 17 सितंबर की शाम 7 बजे पांच मिनट के लिए घरों और प्रतिष्ठानों की लाइट बंद कर शोक व्यक्त करने का अपील किया गया है।

वहीं पोस्ट के जरिए आरक्षण और जातिगत कानूनों को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करने की बात कही गई है। पोस्ट में केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाते हुए विरोध का आह्वान किया गया है।

गौर करने वाली बात यह है कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। ऐसे में उनके जन्मदिन के मौके पर सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया यह विरोध कार्यक्रम राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन सकता है।

फिलहाल सोशल मीडिया की पोस्ट के अनुसार 17 सितंबर की शाम 7 बजे पांच मिनट तक लाइट बंद कर विरोध जताने की अपील जारी है।

रिपोर्टर

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