फर्जी हाजिरी बनाकर वेतन भुगतान कराने के आरोप में महिला होमगार्ड गिरफ्तार
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Aug 24, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर---- जिले के मोहनियां डीएसपी कार्यालय में तैनात एक महिला होमगार्ड को फर्जी हाजिरी बनाकर वेतन भुगतान कराने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच कराई गई, जिसमें हाजिरी रजिस्टर और वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में कथित अनियमितता सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, मोहनियां डीएसपी कार्यालय में तीन महिला होमगार्ड की तैनाती थी। इनमें गिरफ्तार महिला होमगार्ड को प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी दौरान उसके साथ तैनात एक महिला होमगार्ड का बिहार पुलिस में चयन हो गया। बताया जा रहा है कि चयनित महिला जवान ने मोहनियां में करीब पांच दिनों तक ड्यूटी की और इसके बाद बिहार पुलिस में योगदान देने के लिए नालंदा चली गई।
आरोप है कि साथी महिला जवान के ड्यूटी से चले जाने के बाद प्रभारी महिला होमगार्ड ने हाजिरी रजिस्टर में व्हाइटनर का इस्तेमाल कर उसमें छेड़छाड़ की। इसके बाद उक्त महिला जवान की करीब 25 दिनों की कथित फर्जी उपस्थिति दर्ज कर दी गई। आरोप है कि फर्जी हाजिरी के आधार पर वेतन भुगतान से संबंधित कागजात भी तैयार कराए गए।
मामले में यह बात भी सामने आई है कि वेतन भुगतान से जुड़े कागजात पर डीएसपी स्तर से भी हस्ताक्षर किए गए थे। हालांकि, फर्जी हाजिरी और वेतन भुगतान की पूरी प्रक्रिया में किस स्तर पर और किसकी भूमिका रही, इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आने के बाद संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू कराई गई। जांच के दौरान हाजिरी रजिस्टर में कथित तौर पर की गई छेड़छाड़ और ड्यूटी से अनुपस्थित महिला जवान की उपस्थिति दर्ज किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी महिला होमगार्ड को गिरफ्तार कर लिया।
मोहनियां थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने महिला होमगार्ड की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस अब वेतन भुगतान की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, हाजिरी रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी हाजिरी के आधार पर कितनी राशि का वेतन भुगतान हुआ और इस प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर लापरवाही या अनियमितता हुई। मामले की जांच पूरी होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।


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