साइबर ठगी से बचाव को लेकर कैमूर में चला जागरूकता अभियान
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Aug 12, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर----- साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए कैमूर पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। बिहार पुलिस के साइबर अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित कर आम लोगों को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं। इसी क्रम में साइबर डीएसपी नीतू कुमारी ने भभुआ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कॉलेज और हाटा पंचायत में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों, महिलाओं, शिक्षिकाओं और जीविका दीदियों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। साइबर डीएसपी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में साइबर अपराध से जुड़ी पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण कई लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
साइबर डीएसपी ने लोगों को बताया कि साइबर ठग कभी बैंक अधिकारी बनकर, तो कभी पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार या किसी सरकारी विभाग का कर्मचारी बनकर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजकर, इनाम या लॉटरी जीतने का लालच देकर, केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर या बैंक खाता बंद होने का डर दिखाकर भी लोगों से उनकी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल, मैसेज या व्हाट्सऐप पर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में OTP, ATM या डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक खाते का विवरण, UPI PIN, पासवर्ड या व्यक्तिगत दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक या कोई जिम्मेदार सरकारी संस्था फोन पर लोगों से OTP या UPI PIN नहीं मांगती है।
कार्यक्रम में लोगों को यह भी समझाया गया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध मैसेज, ई-मेल या लिंक को तुरंत डिलीट कर दें। किसी व्यक्ति के कहने पर कोई स्क्रीन-शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें, क्योंकि साइबर अपराधी इसका इस्तेमाल मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए कर सकते हैं।
साइबर डीएसपी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल इसकी शिकायत करनी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी ही जल्दी कार्रवाई की संभावना बढ़ेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत संबंधित हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी थाना या साइबर थाना से संपर्क करें।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मौजूद जीविका दीदियों, महिलाओं, शिक्षिकाओं और ग्रामीणों ने साइबर अपराध से जुड़े सवाल भी पूछे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी।
वहीं, हाटा नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश ने साइबर जागरूकता अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में साइबर डीएसपी का खुद गांव में पहुंचकर लोगों को जागरूक करना बेहद सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि आम लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों की जानकारी मिल सके।
पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई कि डिजिटल सुविधा का इस्तेमाल करते समय हमेशा सावधानी बरतें। किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा कर बैंकिंग जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जागरूक रहकर ही साइबर अपराधियों के जाल से बचा जा सकता है


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