कल्याण में संपत्ति की लालच में शिक्षिका की हत्या: करीबी दोस्त ही निकला कातिल

एटीएम से निकली रकम ने खोला हत्या का राज


कल्याण। कल्याण की एक महिला शिक्षिका की रहस्यमय गुमशुदगी का मामला चार दिन के भीतर ऐसे सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। जिस व्यक्ति पर शिक्षिका वर्षों से भरोसा करती थीं, उसी ने कथित तौर पर करोड़ों की संपत्ति हासिल करने की लालच में अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद आरोपियों ने मृतका का एटीएम कार्ड इस्तेमाल कर नकदी निकाल ली, लेकिन यही एक गलती उन्हें सलाखों तक पहुंचाने का कारण बन गई। पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।

जानकारी के अनुसार, कल्याण पश्चिम के मोरे परिसर निवासी शिक्षिका संगीता चंदनशिवे 14 जुलाई की सुबह रोज की तरह घर से निकली थीं। उन्होंने परिजनों से कहा था कि स्कूल जाने के साथ उन्हें आसनगांव में एलआईसी से संबंधित कुछ कार्य भी निपटाने हैं। देर रात तक उनके घर नहीं लौटने और मोबाइल फोन बंद मिलने से परिजन घबरा गए। काफी तलाश के बाद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो कोलसेवाड़ी पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलसेवाड़ी पुलिस और कल्याण क्राइम ब्रांच ने संयुक्त जांच शुरू की। पुलिस ने शिक्षिका के मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल, सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। इसी दौरान चार दिन बाद नासिक जिले के घोटी क्षेत्र में एक अस्पताल के समीप महिला का शव मिलने की सूचना मिली। शव की पहचान संगीता चंदनशिवे के रूप में होने के बाद गुमशुदगी का मामला हत्या में बदल गया और जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।

तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या के बाद मृतका के एटीएम कार्ड से घोटी क्षेत्र में नकदी निकाली गई थी। पुलिस ने संबंधित एटीएम की सीसीटीवी फुटेज हासिल की। फुटेज में दिखाई दिए संदिग्धों की पहचान तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की गई। इसके बाद पुलिस तेजी से आरोपियों तक पहुंच गई और पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी गोकुल आव्हाड कई वर्षों से संगीता का करीबी परिचित था। आरोप है कि वह लगातार उन पर अपनी संपत्ति उसके नाम करने का दबाव बना रहा था। जब शिक्षिका ने साफ इनकार कर दिया तो उसने अपने साथी तुषार पारखे, विनोद पांडे और संतोष जाधव के साथ मिलकर हत्या की साजिश तैयार की।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले संगीता को विश्वास में लेकर काम के बहाने घोटी बुलाया। वहां सुनसान स्थान पर ले जाकर उनका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया और मृतका के एटीएम कार्ड से नकदी भी निकाली। लेकिन एटीएम लेन-देन और सीसीटीवी फुटेज ने पूरे अपराध की कड़ियां जोड़ दीं।

कल्याण क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा

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