टीवी के दौर में भी जिंदा है रेडियो का जादू


संवाददाता पारस नाथ दुबे


डेहरी रोहतास।आधुनिक दौर में जहां मोबाइल फोन और टीवी ने मनोरंजन व सूचना के अधिकांश साधनों की जगह ले ली है, वहीं आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जिनके दिल में रेडियो के लिए वही पुराना लगाव कायम है। सोन नदी के किनारे स्थित शिवगंज निवासी रिक्शा चालक शंभु चौधरी रेडियो के ऐसे ही शौकीनों में शामिल हैं।


शंभु चौधरी बताते हैं कि रेडियो की आवाज़ में जो अपनापन और आत्मीयता है, वह आज के आधुनिक माध्यमों में कम ही देखने को मिलती है। वे नियमित रूप से रेडियो पर प्रसारित होने वाला लोकप्रिय कार्यक्रम "किशनगंज की हलचल" सुनते हैं। 


उनका कहना है कि रेडियो पर पुराने सदाबहार गीतों का आनंद ही अलग होता है। उन्होंने कहा, "प्रेम दीवानी, दर्द न जाने कोई जैसे गीतों का जो आनंद रेडियो पर मिलता है, वह कहीं और नहीं मिलता।"


मौके पर मौजूद रामप्रसाद चौधरी, रमेश सिंह, राजाराम चौधरी आदि ने बताया कि शंभु चौधरी, जिन्हें लोग प्यार से 'झंडू' भी कहते हैं, रेडियो सुनने के बेहद शौकीन हैं। वे प्रतिदिन समाचार और विभिन्न कार्यक्रम सुनते हैं तथा आसपास के लोगों को भी महत्वपूर्ण खबरों से अवगत कराते रहते हैं।


तकनीक के इस तेज़ी से बदलते दौर में शंभु चौधरी जैसे लोगों का रेडियो के प्रति यह प्रेम इस बात का प्रमाण है कि सादगी, विश्वसनीयता और आत्मीयता के कारण रेडियो आज भी लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है।

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