जी एन एस यू एवं वाई बी एन विश्वविद्यालय के मध्य शैक्षणिक सहयोग हेतु एमओयू संपन्न


रोहतास ।उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं संस्थागत विकास को नई दिशा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार, रोहतास (बिहार) एवं वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची (झारखंड) के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार, प्रशिक्षण, कौशल विकास, पुस्तकालय एवं सूचना सेवाओं तथा संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ एवं व्यापक बनाना है। समझौता ज्ञापन पर गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार की ओर से रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) कुमार आलोक प्रताप सिंह तथा वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची की ओर से डिप्टी रजिस्ट्रार संजय तिवारी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के मध्य ज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार आधारित सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी तथा राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करेगी।

इस एमओयू के अंतर्गत दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से अनुसंधान परियोजनाओं, संकाय एवं छात्र आदान-प्रदान, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, सेमिनार, कार्यशालाओं, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम , प्रशिक्षण कार्यक्रमों, नवाचार गतिविधियों, स्टार्टअप एवं उद्यमिता विकास, संयुक्त प्रकाशनों तथा कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देंगे। इसके अतिरिक्त पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को विस्तार दिया जाएगा। दोनों विश्वविद्यालय अपने पुस्तकालय संसाधनों, ई-जर्नल, डिजिटल रिपॉजिटरी, शोध प्रबंधों एवं अन्य ज्ञान संसाधनों के साझा उपयोग के साथ-साथ सूचना साक्षरता, शोध पद्धति, शोध नैतिकता एवं साहित्यिक चोरी जैसे विषयों पर संयुक्त प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं का भी आयोजन करेंगे।

इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक सहयोग को मूर्त रूप देने में गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के डॉ. अवधेश सिंह गौतम, विभागाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग तथा वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची के डॉ. सोमनाथ रॉय चौधरी, एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी की महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका रही। दोनों शिक्षाविदों की दूरदर्शी सोच, आपसी समन्वय, सतत संवाद एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप यह शैक्षणिक समझौता सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। दोनों अधिकारियों की पहल पर दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संवाद स्थापित हुआ, सहयोग की रूपरेखा तैयार की गई तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी को अंतिम स्वरूप प्रदान किया गया। 

इस अवसर पर डॉ. अवधेश सिंह गौतम एवं डॉ. सोमनाथ रॉय चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा कि यह समझौता केवल दो विश्वविद्यालयों के मध्य औपचारिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में संयुक्त अनुसंधान, संकाय एवं छात्र आदान-प्रदान, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, नवाचार गतिविधियों, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा ज्ञान संसाधनों के साझा उपयोग को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति में सहायक सिद्ध होगी तथा दोनों विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा उद्योग–अकादमिक सहयोग के नए अवसर सृजित करेगा। साथ ही यह साझेदारी गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, उत्कृष्ट अनुसंधान संस्कृति तथा संस्थागत विकास को बढ़ावा देते हुए दोनों विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक शैक्षणिक परिदृश्य में एक सशक्त पहचान प्रदान करेगी। उन्होंने इसे शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

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