वियतनाम राष्ट्रपति "टो लाम" ने महाबोधि मंदिर में किया पूजन, 120 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल संग पहुंचे
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- May 06, 2026
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ब्यूरो चीफ प्रेम कुमार की रिपोर्ट
बोधगया-- वियतनाम के राष्ट्रपति एवं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम के जनरल सेक्रेटरी हिज़ एक्सेलेंसी टो लाम मंगलवार को पवित्र महाबोधि मंदिर पहुंचे। उनके साथ लगभग 120 लोगों का विशेष प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।
मंदिर पहुंचने पर चीफ मोंक भिक्खु चालिंदा एवं भिक्खु डॉ. मनोज ने पारंपरिक तरीके से खड़ाऊं पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी, सदस्य डॉ. अरविंद सिंह तथा श्री किरण लामा ने भी महामहिम एवं उनके प्रतिनिधिमंडल का अभिनंदन करते हुए खड़ाऊं भेंट की।
दर्शन के दौरान महामहिम ने मंदिर के मुख्य पवित्र स्थल में प्रवेश कर पुष्प अर्पित किए तथा मोमबत्तियां एवं अगरबत्तियां जलाकर श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान चीफ मोंक द्वारा अन्य भिक्षुओं के साथ विशेष मंत्रोच्चार किया गया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा और अतिथियों के लिए आशीर्वाद की कामना की गई।
नेशनल वियतनाम बुद्धिस्ट संघ की कार्यकारी परिषद के महासचिव एवं पद्मश्री सम्मानित मोस्ट वेनेरेबल थिच डुक थिएन ने मुख्य स्थल पर वियतनामी मंत्रोच्चार का नेतृत्व किया। इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया गया, जिसमें पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना भी शामिल रही। महामहिम एवं उनके दल ने मंदिर की तीन बार परिक्रमा की।
इस अवसर पर भिक्खु चालिंदा, भिक्खु डॉ. मनोज, डॉ. महाश्वेता महारथी एवं डॉ. अरविंद सिंह द्वारा महामहिम को स्मृति-चिह्न स्वरूप फ्रेम किया हुआ बोधि पत्ता तथा लकड़ी का स्तूप डिब्बा भेंट किया गया, जिसमें बोधि वृक्ष की पवित्र लकड़ी का बुरादा सुरक्षित रखा गया था।
इसके प्रत्युत्तर में महामहिम टो लाम ने मुख्य भिक्षु भिक्खु चालिंदा को रेशमी चोगा भेंट किया तथा पारंपरिक लाख एवं चंदन के बक्सों में सुसज्जित उपहार प्रदान किए। उन्होंने मंदिर प्रबंधन द्वारा किए गए स्वागत एवं आतिथ्य की सराहना करते हुए महाबोधि मंदिर एवं परिसर में स्थित सात पवित्र स्थलों के ऐतिहासिक महत्व पर संतोष व्यक्त किया।
यह यात्रा भारत और वियतनाम के बीच प्रगाढ़ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है। बौद्ध धर्म की साझा विरासत दोनों देशों के बीच आपसी समझ, जन-से-जन संपर्क एवं दीर्घकालिक मित्रता को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


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