मुकदमों के बोझ से मिलेगी मुक्ति: शिवहर में 9 मई को लोक अदालत का मेगा कैंप
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Apr 22, 2026
- 13 views
ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट
शिवहर-- अगर आपका कोई मामला लंबे समय से कोर्ट में लंबित है और आप तारीखों से परेशान हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। आगामी 09 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए शिवहर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार ने खुद कमान संभाल ली है। बुधवार को एडीआर भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को इस मेगा कैंप को ऐतिहासिक बनाने के निर्देश दिए।
सुलभ और सस्ता न्याय है मुख्य लक्ष्य
बैठक को संबोधित करते हुए जिला जज दीपक कुमार ने कहा कि लोक अदालत का प्राथमिक उद्देश्य आम जनता को "सस्ता और सुलभ न्याय" उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्याय की प्रक्रिया को इतना सरल बनाया जाए कि अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी इसका लाभ उठा सके। उन्होंने सभी न्यायिक पदाधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित सुलह योग्य (Compoundable) मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करने को कहा।
बेहतर समन्वय से होगा मामलों का निपटारा
लोक अदालत की सफलता के लिए जिला जज ने बेहतर तालमेल पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि विभागीय समन्वय बैंक, बीमा कंपनी, विद्युत विभाग और पुलिस प्रशासन के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें।समय पर नोटिस: पक्षकारों को ससमय 'नोटिस तामिला' (सूचना) सुनिश्चित की जाए, ताकि वे मानसिक रूप से समझौते के लिए तैयार होकर आ सकें।रिकॉर्ड का प्रबंधन: सभी कोर्ट कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिलेखों (Records) को अद्यतन रखें और पक्षकारों से बेहतर संवाद स्थापित करें।
इन मामलों का होगा त्वरित निष्पादन
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ललन कुमार रजक ने बैठक में बताया कि लोक अदालत में मुख्य रूप से आपराधिक शमनीय मामले, बैंक ऋण, बिजली बिल विवाद, पारिवारिक मामले, मोटर दुर्घटना दावा (MACT) और अन्य दीवानी मामलों पर विशेष फोकस रहेगा।
निष्कर्ष
जिला जज ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का सबसे बेहतरीन मंच है, जहाँ न किसी की जीत होती है और न हार, बल्कि दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समझौता होता है। बैठक में यह भी तय हुआ कि 9 मई तक नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी ताकि रिकॉर्ड संख्या में वादों का निपटारा किया जा सके।


रिपोर्टर