सातों महुआ क्रॉसिंग पर भीषण दुर्घटना, एयरबैग हादसा से चालक की बची जान बड़ा हादसा टला
- सर्वेश यादव, ब्यूरो चीफ वाराणसी
- Mar 24, 2026
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वाराणसी /हरहुआ। सातों वृत्तचित्रों पर सड़क दुर्घटना थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और "काली रोड लाल" का दर्द, आध्यात्म के बीच साक्षात् झलकता दिख रहा है। कई बार हड़ताल और दलों के बावजूद भी यहां सुरक्षा के कोई ठोस सबूत नहीं दिए गए, जिससे स्थानीय लोगों में भारी गिरावट आई है। रिवॉल्यूशन का कहना है कि यह क्रॉसओवर क्षेत्र का सबसे खतरनाक बिंदु बन गया है, जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। त्रिपुरा प्रशासन और को कई बार अकल्पनीय धारणा के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।मंगलवार सुबह करीब आठ बजे बड़ागांव क्षेत्र के सातों जापानी क्रॉसिंग पर एक गंभीर दुर्घटना हो गई। सड़क पार कर रहे एक प्रियजन और कार के बीच की टक्कर हो गई, जिससे कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, केराकत निवासी संजय यादव अपनी कार से पांडेपुर स्थित आवास पर जा रहे थे। जैसे ही वे क्रॉसिंग के पास आंध्र प्रदेश, वाराणसी से वाराणसी की ओर जाने लगे, तो वे एक-एक आश्चर्यजनक सड़क पार करने लगे। ड्राइवर ने वाहनों को नियंत्रित करने की कोशिश में शामिल किया, लेकिन कार सीधे तौर पर शामिल हो गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के दोनों एयरबैग खुल गए, जिससे चालक संजय यादव की जान बच गई और उन्हें गंभीर चोट नहीं आई।दुर्घटना के बाद घायल सैनिक दल का गिरोह ख़त्म हो गया। सूचना सूचना ही पुलिस प्रयोगशाला टिपन्नी और जांच शुरू। हरहुआ पुलिस ने मैरामल कारसेवकों को ऑपरेटिड रेस्टोरेन्ट बहाल कर दिया। अवैध पुलिस की तलाश में और आस-पास के घरों में सामान की तलाश जारी है।
ग्रामीण क्षेत्र में कॉन्स्टेंटिस्टा से स्थानीय लोगों के अनुसार, इस अधिसूचना पर हर महीने 2-3 दुर्घटनाएँ होती हैं।स्ट्रीट लाइट और कैमोमाइल व्यवस्था की कमी है।डिवाइडर पर उगे बड़े लाइसेंस के कारण वाहन नहीं दिखे ग्रामीण ने बताया कि होली से एक दिन पहले भी इसी स्थान पर एक दुर्घटना में एक बिजली कंपनी की मौत हो गई थी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां जल्द से जल्द सिग्नल, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षा उपाय दिए जाएं। ताकि भविष्य में साथी को भी दिखाया जा सके।


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