बाल विवाह के खिलाफ नायगाँव पूर्वी पंचायत ने भरी हुंकार, सर्वाइवर्स ने साझा किए अपने अनुभव

 ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट

शिवहर-- (18 मार्च, 2026): जिले को बाल विवाह की कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त करने के संकल्प के साथ बुधवार को डुमरी कटसरी प्रखंड के ग्राम पंचायत राज नायगाँव पूर्वी में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बिहार ग्राम विकास परिषद के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, बल्कि उन महिलाओं (सर्वाइवर्स) ने भी अपनी आवाज बुलंद की, जो स्वयं कभी बाल विवाह का दंश झेल चुकी हैं।

सर्वाइवर्स की जुबानी, बाल विवाह की कहानी

कार्यशाला में मौजूद बाल विवाह सर्वाइवर्स ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि कम उम्र में शादी होने के कारण उन्हें किन शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इन महिलाओं ने अब समाज में बदलाव की कमान संभाल ली है और वे अपने समुदाय में कई बाल विवाह रुकवाने में सफल रही हैं। उनकी प्रेरक कहानियों ने उपस्थित बालिकाओं और ग्रामीणों को इस कुप्रथा के खिलाफ खड़े होने का हौसला दिया।

कड़े कानून और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर

बिहार ग्राम विकास परिषद के जिला समन्वयक अनिल कुमार ने कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि:

शादी कराने वाले पुरोहित/पंडित।

कैटरर्स, टेंट और बैंड वाले।

शादी में शामिल होने वाले मेहमान।

इन सभी को कानून के तहत सजा हो सकती है। संगठन का लक्ष्य आगामी एक वर्ष के भीतर शिवहर जिले को \'बाल विवाह मुक्त\' जिला बनाना है, जिसके लिए वे सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर ब्लॉक और पंचायत स्तर पर काम कर रहे हैं।

शपथ से बंधी एकजुटता

कार्यक्रम के अंत में मुखिया प्रतिनिधि साधना देवी, वार्ड सदस्यों और उपस्थित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली। बैठक में मुख्य रूप से जिला समन्वयक अनिल कुमार, स्थानीय जनप्रतिनिधि, माता समूह की सदस्य, बुक कीपर और भारी संख्या में किशोरियाँ उपस्थित थीं।

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