शासकीय महाविद्यालय नरसिंहगढ़ में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का शुभारंभ
- राजेंद्र यादव, ब्यूरो चीफ, मध्यप्रदेश
- Feb 10, 2026
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राजगढ़ । शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नरसिंहगढ़ में मंगलवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक नरसिंहगढ़ श्री मोहन शर्मा रहे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. एस.के. जैन, कुलगुरु बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राधावल्लभ त्रिपाठी द्वारा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ कु. कृतिका एवं कु. तनिषा के समूह द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुआ। इसके पश्चात प्राचार्य डॉ. चेतन कुमार त्रिपाठी एवं राष्ट्रीय सेमीनार संयोजक डॉ. सुनीता गुप्ता द्वारा अतिथियों का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण दिया गया।
मुख्य अतिथि विधायक नरसिंहगढ़ श्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति एवं दर्शन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी विश्व को दिशा देने में सक्षम है। विशेष अतिथि डॉ. जैन ने भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, दर्शन एवं संस्कृति की भूमिका को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को भारतीय परंपराओं, संस्कारों एवं सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शैक्षणिक सत्र में अध्यक्ष डॉ. राधावल्लभ त्रिपाठी (पूर्व कुलपति, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान दिल्ली) ने वैदिक काल में भारत के महान दर्शन पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. रमाकांत भारद्वार, प्राध्यापक एमिटी यूनिवर्सिटी कोलकाता, पश्चिम बंगाल द्वारा वैदिक गणित विषय पर विस्तार से व्याख्यान दिया गया। वहीं डॉ. देवीदास कल्लापा बामणे संघर्ष (भाऊसाहेब नेने कला, विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय, पेण, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र) ने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
तकनीकी सत्र में श्री हरीश मिश्रा, डॉ. फारूक पठान (शासकीय महाविद्यालय सारंगपुर), सुश्री खुशी गुप्ता (एक्सीलेंस कॉलेज भोपाल) सहित अन्य शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा अपने-अपने शोध पत्रों का वाचन किया गया। सेमीनार में देश के विभिन्न प्रदेशों से आए वक्ताओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता रही।


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