अपने अधिकारियों के कार्य गुजारी से त्रस्त चौकीदारों ने दिया धरना

कैमूर-- जिला के कुदरा थाना परिसर में रविवार को थाने के सभी चौकीदारों ने अपने संघ के अध्यक्ष महेंद्र पासवान के नेतृत्व में थाना अध्यक्ष एवं थाने के मुंशी की कार्यशैली से नाराज हो धरने पर बैठ गए। पीड़ित चौकीदारों का आरोप है, की थाना अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों द्वारा चौकीदारों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। इतना ही नहीं अपने क्षेत्र के अलावे डेढ़ दो महीने से 112 नंबर की गाड़ी पर डिप्टी लगा दी जार रही है, तथा थाना में भी काम लिया जा रहा है। इन सभी कार्यशैली से नाराज हो कर अपने मान,सम्मान की रक्षा के लिए थाने में धरने पर बैठे। चौकीदार संघ के अध्यक्ष महेन्द्र पासवान ने बताया की धरना पर बैठे देख थाना अध्यक्ष द्वारा बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करने हेतु आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया।

          जानते हैं बिहार चौकीदार नियमावली क्या कहता है

बिहार चौकीदारी नियमावली 1870 के अधिनियम 16 (धारा 5 और 6) और अन्य संबंधित सरकारी आदेशों के तहत चौकीदारों के कर्तव्य निर्धारित किए गए हैं। इन कर्तव्यों में सामान्यतः गाँव में गश्त, जन्म-मृत्यु का रिकॉर्ड रखना, अपराधों की सूचना देना, और स्थानीय शांति बनाए रखने में मदद करना शामिल है।थाना के चौकीदारों को लगातार 112 नंबर की ड्यूटी पर नहीं लगाया जा सकता। बिहार चौकीदारी नियमावली में उनके कर्तव्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, और उन्हें कुछ विशेष कार्यों से मुक्त रखा गया है ताकि वे अपने मुख्य दायित्वों का निर्वहन कर सकें। 

             चौकीदारों के लिए ड्यूटी के नियम-

चौकीदारों का मुख्य काम अपने निर्दिष्ट क्षेत्र (बीट) में अपराधों पर नज़र रखना, शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना संबंधित थाने को देना होता है।अन्य कार्य: उन्हें अपने क्षेत्र में जन्म-मृत्यु की रिपोर्ट, भूमि विवाद, अतिक्रमण, शराबबंदी से जुड़े मामलों और सांप्रदायिक विवादों की जानकारी पुलिस को देनी होती है।प्रतिबंधित ड्यूटी: बिहार सरकार के गृह विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार, चौकीदारों से कुछ विशेष प्रकार की ड्यूटी नहीं ली जा सकती है, जिनमें शामिल हैं-कैदियों को न्यायालय ले जाने और लाने की ड्यूटी (कोर्ट ड्यूटी)।बैंक ड्यूटी।वरिष्ठ अधिकारियों (जैसे डीएम और एसपी) के निजी आवासों पर ड्यूटी।डायल 112 सेवा के वाहनों पर नियमित रूप से तैनात करना (यह मुख्य रूप से नियमित पुलिस कर्मियों का काम है)।

                लगातार ड्यूटी का मुद्दा

हालांकि चौकीदारों के काम के घंटे तय नहीं होते हैं और कभी-कभी 12 घंटे की शिफ्ट या इससे भी अधिक हो सकते हैं, लेकिन उन्हें लगातार बिना छुट्टी के एक ही काम में लगाए रखना सेवा नियमों के विरुद्ध हो सकता है।प्रशासनिक नियंत्रण: पुलिस अधीक्षक (SP) या जिलाधिकारी (DM) को चौकीदारों के कदाचार, अक्षमता या कर्तव्य की अवहेलना के मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है। 

यदि किसी चौकीदार को लगातार 112 नंबर की ड्यूटी पर लगाया जा रहा है, तो यह उनके निर्धारित कर्तव्यों के दायरे से बाहर हो सकता है। इस मामले में, वे संबंधित उच्चाधिकारियों या मानवाधिकार आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं, क्योंकि उन्हें मुख्य रूप से उनके अपने बीट क्षेत्र में गश्त और सूचना संग्रह के लिए नियुक्त किया गया है।

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