दो तहसील नाजिर की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने व तहसीलदार राजगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
- राजेंद्र यादव, ब्यूरो चीफ, मध्यप्रदेश
- Nov 04, 2025
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“संवाद से समाधान" जवाबदेही और जनविश्वास की नई दिशा
राजगढ़ । जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान हेतु कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम की अभिनव पहल शुरू की गई है। यह कार्यक्रम प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई से पूर्व आयोजित किया जाता है। इसमें विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और शिकायतकर्ता आमने-सामने बैठकर शिकायतों का समाधान करते हैं। इस सप्ताह राजस्व विभाग से संबंधित 5 शिकायतों की समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर डॉ. मिश्रा स्वयं प्रत्येक शिकायत को व्यक्तिगत रूप से सुनते हैं और मौके पर ही उसका समाधान सुनिश्चित करते हैं।
यह पहल न केवल अधिकारियों में जवाबदेही स्थापित कर रही है, बल्कि आम नागरिकों और जिला प्रशासन के बीच सीधा संवाद भी स्थापित कर रही है। ‘संवाद से समाधान’ ने आमजन के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास और पारदर्शिता को और मजबूत किया है। मंगलवार को आयोजित संवाद से समाधान कार्यक्रम में शिकायतकर्ता श्री जगदीश तोमर द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायत काशीरावत पुरा के आवेदक श्री लक्ष्मण पिता प्यार जी के खाता नम्बर में आज दिनांक तक मकान की आरबीसी 6(4) में राहत राशि नहीं मिली हैं। जिस पर कलेक्टर ने पूर्व तहसील नाजिर एवं वर्तमान तहसील नाजिर राजगढ़ की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए है।
शिकायतकर्ता श्री सुनिल नागर द्वारा बताया गया कि ग्राम छोटा बैरसिया में आवेदक की दुकान हैं। अज्ञात कारण से आग लग गई थी। आवेदक द्वारा राहत राशि की मांग की गई थी। जिस पर कलेक्टर ने शिकायतकर्ता को संतुष्ट करते हुए रेडक्रास से 10 हजार रूपये की आर्थिक सहायत प्रदान की।
शिकायतकर्ता श्रीमती सुरज बाई द्वारा बताया गया कि तहसील राजगढ़ हल्का नंबर 18 में आवेदन किया गया था, कि खसरे की नकल ऑनलाईन अपडेट की जाए। परन्तु आज दिनांक तक खसरे की नकल का अपडेशन का कार्य नहीं किया गया है। जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार राजगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी करने व शिकायत को पुन: जांच में लेने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता श्री मोतीलाल तंवर द्वारा बताया गया कि ग्राम उदयपुरिया में मोतीलाल तंवर पिता उदय लाल तंवर की खसरा में कोई जानकारी नहीं है। हल्का नंबर 15 में कुल 8- 8.50 बीघा भूमि है। आवेदक द्वारा बताया गया कि उनकी भूमि का नामांतरण नहीं किया जा रहा है। उक्त शिकायत का पूर्व में ही अनुविभागीय (राजस्व) खिलचीपुर द्वारा जांच की जा चुकी थी। आवेदक का रिकार्ड उपलब्ध नहीं होने से आगे की कार्यवाही नहीं की जा सकी। जिस पर कलेक्टर ने जिला रजिस्ट्रार व रिकार्ड रूम शाखा प्रभारी को आवेदक का रिकार्ड ढूढने व रिकार्ड की जांच करने के निर्देश दिए।


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