भिवंडी मनपा क्षेत्र में 291 अवैध इमारतें: 10 बीट निरीक्षक तैनात, फिर भी कार्रवाई शून्य

भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर महानगर पालिका (BNCMC) सीमा क्षेत्र में अवैध निर्माण माफिया का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि वर्ष 2022 के बाद अब तक 291 अवैध इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। खुद आयुक्त अनमोल सागर (भा.प्र.से.) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस चौंकाने वाले आंकड़े की पुष्टि की थी। अवैध निर्माणों पर लगाम कसने के लिए हर प्रभाग समिति में दो-दो बीट निरीक्षक नियुक्त किए गए, लेकिन इसका नतीजा बिल्कुल उल्टा निकला। सूत्रों का कहना है कि बीट निरीक्षकों की मौजूदगी में भी बिल्डर खुलेआम वर्किंग डे पर स्लैब डाल रहे हैं। प्रशासन के सामने ही निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है।

महानगर पालिका के उपायुक्त (अतिक्रमण) विक्रम दराड़े और शहर विकास विभाग प्रमुख अरविंद घुंघरे की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दोनों अधिकारी अवैध निर्माण रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। यही नहीं, “शहर विकास विभाग प्रमुख’’ का पद तकनीकी योग्यता वाला है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इसे दसवीं पास क्लर्क स्तर के कर्मचारियों को सौंपा गया है। नतीजा यह है कि न तो अवैध इमारतें रुक पा रही हैं और न ही नियमानुसार DPL की प्रक्रिया पूरी हो पा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ पूर्व नगरसेवक और इंजीनियर खुद अवैध इमारतों को संरक्षण दे रहे हैं। इस समय पांचों प्रभाग समितियों में करीब 150 इमारतें, मकान और वेयरहाउस व गोदामें निर्माणाधीन हैं, जिन पर न कोई कार्रवाई हुई है और न ही पालिका ने नोटिस जारी करने की जहमत उठाई। पूर्व आयुक्तों के काल में भूमाफिया छुट्टी के दिन स्लैब डालकर अवैध निर्माण आगे बढ़ाते थे। लेकिन अब तो हालात इतने बिगड़ चुके हैं,कि वर्किंग डे में भी धड़ाधड़ इमारतें खड़ी हो रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पालिका प्रशासन की नाक के नीचे अवैध इमारतें बन रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, तो आम नागरिकों से कानून का पालन करवाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

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