हसनबाजार में धरातल पर नहीं उतरी नल-जल योजना


अनिल कुमार सिंह  ब्यूरो चीफ 


भोजपुर । जिले के हसनबाजार आमजन को शीतल व शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री सात निश्चय के तहत शुरु की गई हर घर नल का जल योजना कातर पंचायत के हसनबाजार में धरातल पर नहीं उतर पाई है। सच कहे तो यह महत्वाकांक्षी योजना हवा हवाई साबित हुई है। जानकार सूत्रों की माने तो प्रत्येक वार्ड में नल-जल योजना के लिए सरकार द्वारा सात से आठ लाख रूपये आवंटित किए गए थे। जिससे मोटर पंप, पानी का टैंक, पाइप लाइन बिछाने व प्रत्येक घर में वाटर कनेक्शन देकर टैप आदि लगाए जाने थे लेकिन योजना में मची लूट का आलम यह रहा कि जैसे तैसे पाइप लाइन बिछा दिए गए। टैप के नाम पर घटिया किस्म की सामग्री लगा दी गई। कहीं पर मोटर पंप लगे तो कहीं कागज पर ही खानापूर्ति कर दी गई। नतीजा यह हुआ कि इस योजना के तहत लगे मोटर पंप व बिछाए गए पाइप लाइन से जलापूर्ति शुरु ही नहीं हो सकी। अलवता पाइप बिछाने के नाम पर गलियों में पीसीसी रास्ते को उखाड कर कबाड बना दिया गया। घरों में या सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए टैप टूटकर कब गायब हो गए यह लोगों को पता भी नहीं चला। पानी की टंकी आंधी-तूफान में उडकर न जाने कहां चले गए। टंकी को रखने के लिए बने टावर अब केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। योजना पर लाखों रूपये खर्च होने के बावजूद जल की एक बूंद भी लोगों के हलक तक नहीं पहुंच पाया। ऐसे में यह योजना लूट-खसोट की शिकार हो गई। हद तो यह है कि सरकारी राजस्व की हुई खुली लूट की शिकार इस योजना में रख-रखाव के नाम पर आज भी भारी भरकम राशि की निकासी जारी है।

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