डेहरी डालमियानगर में प्यासे तरसे, शोपीस बने एक्वागार्ड : भीषण गर्मी में भी नसीब नहीं हुआ ठंडा पानी, लाखों की लागत बेकार।
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jun 20, 2026
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संवाददाता पारसनाथ दूबे
डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)।भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच डेहरी डालमियानगर नगर परिषद की लापरवाही सामने आई है। नगर परिषद द्वारा हर वार्ड में राहगीरों और आम जनता को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए एक्वागार्ड मशीनें शोपीस बनकर रह गई हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गर्मी शुरू होते ही नगर परिषद ने आनन-फानन में सभी वार्डों में जगह-जगह एक्वागार्ड लगवाए थे। दावा था कि चिलचिलाती धूप में किसी भी प्यासे को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। लेकिन हकीकत इससे उलट है।
*लगाने के कुछ दिन बाद ही सूखे नल*
वार्ड नंबर 5 के निवासी राकेश कुमार बताते हैं, "एक्वागार्ड लगने पर लगा था कि चलो अब गर्मी में राहत मिलेगी। लेकिन लगाने के 10-15 दिन बाद ही नलों से पानी आना बंद हो गया। अब मशीनें सिर्फ बिजली खा रही हैं, पानी एक बूंद नहीं दे रहीं।"
यही हाल शहर के लगभग सभी वार्डों का है। कहीं पानी का कनेक्शन नहीं दिया गया, तो कहीं मोटर खराब पड़ी है। फिल्टर और मेंटेनेंस के अभाव में करोड़ों की लागत से लगी मशीनें कबाड़ में तब्दील हो रही हैं।
*पानी की तरह बहा पैसा, प्यास नहीं बुझी*
लोगों का कहना है कि एक्वागार्ड लगाने के नाम पर नगर परिषद द्वारा "पानी की तरह पैसा बहाया गया" लेकिन वह पैसा "पानी में ही सिमट कर रह गया। न तो जनता को सुविधा मिली और न ही सरकारी धन का सदुपयोग हुआ।
भीषण गर्मी में जब तापमान 44 डिग्री पार कर रहा है, तब मजदूर, रिक्शा चालक, ठेले वाले और राहगीर पानी के लिए परेशान हैं। मजबूरन दुकानों से 20 रुपये की बोतल खरीदनी पड़ रही है।
*नगर परिषद मौन, जनता में आक्रोश*
इस मामले पर नगर परिषद के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वहीं वार्ड पार्षद भी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुनीता देवी ने कहा, "यह सीधे-सीधे सरकारी पैसे की बर्बादी है। जब मेंटेनेंस और पानी की व्यवस्था नहीं करनी थी तो मशीनें लगाई ही क्यों? इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए कि कितनी लागत आई और अभी कितनी मशीनें चालू हालत में हैं।"
जनता ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान ले और खराब पड़े सभी एक्वागार्ड को तुरंत चालू कराए। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।


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