पीएम की संभाषण से किसानों के बीच अफरा तफरी की माहौल, रसायनिक उर्वरक हेतु तपती गर्मी में किसान हो रहे परेशान

 बिस्कोमान भवन में उमड़ी किसानों की भीड़, संचालक ने सरकार से डीएपी व खाद की पर्याप्त आपूर्ति हेतु की मांग

ब्यूरो चीफ संदीप कुमार के साथ संवाददाता रूपेश कुमार दूबे की रिपोर्ट 

कैमूर-- जिले के कुदरा प्रखंड क्षेत्र सकरी गांव स्थित बिस्कोमान भवन में, फसल रोपाई से पूर्व रासायनिक उर्वरक की भविष्य में किल्लत की सोच के मध्य किसानों के बीच अफरा तफरी की माहौल, रसायनिक उर्वरक हेतु तपती गर्मी में किसान हो रहे परेशान। आपको बताते चलें की विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विभिन्न संबोधनों में किसानों से विदेशी मुद्रा और आयात पर निर्भरता कम करने का जिक्र करते हुए किसानों से अपील की थी कि रासायनिक उर्वरकों (केमिकल फर्टिलाइज़र) की खपत को कम से कम करने की अपील की थी। जिस वजह से किसानों के अंदर संभावना विद्यमान हो चुका है की शायद आने वाले समय में रासायनिक उर्वरक की किल्लत हो। जिस वजह से धान की रोपाई से पहले ही किसानों द्वारा रासायनिक उर्वरक उपलब्ध करने हेतु होड़ लगी हुई हैं। धान रोपनी के मौसम से पहले ही तपती गर्मी में बड़ी संख्या में किसान खाद और डीएपी लेने के लिए पहुंच रहे हैं। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में घंटों इंतजार करने को मजबूर किसानों में नाराजगी देखी गई।सुबह से ही किसान लंबी कतारों में खड़े नजर आए। किसानों का कहना है कि खेती का समय बेहद महत्वपूर्ण है, और समय पर खाद नहीं मिलने से धान रोपनी प्रभावित हो सकती है। वहीं सरकार द्वारा संचालित संस्था के संचालक भी व्यवस्था को लेकर परेशान दिखे। उनका कहना है कि किसानों की बढ़ती भीड़ और सीमित मात्रा में खाद उपलब्ध होने से स्थिति संभालना मुश्किल हो रहा है। संचालक ने सरकार से मांग की है कि किसानों की जरूरत को देखते हुए खाद और डीएपी की पर्याप्त मात्रा जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और खेती का कार्य प्रभावित न हो।

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