मेउड़ा पैक्स चुनाव पर गंभीर सवाल धांधली, रिश्वतखोरी के आरोपों से गरमाया माहौल

नामांकन से मतगणना तक अनियमितता के आरोप वायरल वीडियो से बढ़ी हलचल पुनः चुनाव की मांग तेज

ब्यूरो चीफ संदीप कुमार के साथ रुपेश दूबे की रिपोर्ट 

कैमूर:-- जिले के कुदरा प्रखंड अंतर्गत मेउड़ा पंचायत में हाल ही में संपन्न पैक्स चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया में व्यापक धांधली, अनियमितता और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप सामने आ रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों और प्रत्याशियों ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया, वही भभुआं समाहरणालय पहुंच जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंप उठाई निष्पक्ष जांच की मांग। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेउड़ा पंचायत के निवासी एवं पैक्स प्रत्याशी दिलीप कुमार पासवान द्वारा जिला प्रशासन को दिए गए आवेदन में नामांकन से लेकर मतदान एवं मतगणना तक कई गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। उन्होंने दावा किया है कि नामांकन प्रक्रिया की सूचना समय पर नहीं दी गई, जिससे कई योग्य सदस्य वंचित रह गए।आवेदन में यह भी आरोप है कि अन्य पंचायतों और यहां तक कि दूसरे जिले (रोहतास) के लोगों को अवैध रूप से सदस्य बनाकर मतदान कराया गया। साथ ही, मृत व्यक्तियों और नाबालिगों के नाम पर भी वोट डाले जाने की बात कही गई है। मतदाता सूची से लगभग 200 वैध सदस्यों के नाम हटाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मतदान के दौरान पैसे और शराब के वितरण के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने की बात भी सामने आई है। वहीं, मतगणना प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है, कि एक पक्ष विशेष के चुनाव चिन्ह के मतों को बड़ी संख्या में अमान्य घोषित किया गया, जबकि दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाया गया। सबसे गंभीर आरोप मतगणना के दौरान रिश्वतखोरी को लेकर सामने आया है। आवेदन में दावा किया गया है कि 20 अप्रैल की रात करीब 9:03 बजे कुदरा प्रखंड परिसर में एक अधिकारी द्वारा 50,000 रुपए की घूस ली गई, जिससे मतगणना प्रभावित हुई। इस घटना का कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है, हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं स्थानीय थाना पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है, कि उनकी शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा उक्त चुनाव को निरस्त कर पुनः चुनाव कराने की मांग की। वहीं वायरल विडियो के मामले में अभी तक प्रखंड विकास पदाधिकारि सहित स्थानीय पुलिस जबाबों से भाग रही है। प्रशासनिक चुप्पी के कारण क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।वायरल वीडियो के संदर्भ में जब आरोपी सब इंस्पेक्टर शंभू भगत से दूरभाष के माध्यम से बात किया गया तो उनके द्वारा विश्वास जनक जवाब नहीं दिया गया, वही उनके द्वारा विडियो वायरल करने वाले व्यक्ति पर मामला दर्ज कराने की बात कहा गया। वायरल वीडियो में सब इंस्पेक्टर के साथ नोक झोंक व कथित तौर पर 50000 रूपये की देन लेन की पर्दाफाश की धमकी के उपरांत सब इंस्पेक्टर द्वारा 10000 रुपये मामले को गोपनीय रखने हेतु फोनपे के माध्यम से भी देने की बात भी सामने आ रही है।

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