अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने को प्रशासन सख्त, भभुआ में उच्चस्तरीय बैठक
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Apr 16, 2026
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SDO अमित कुमार ने दिए कड़े निर्देश, 1098 व 181 हेल्पलाइन के प्रचार पर जोर, सभी विभागों को सतर्क रहने का आदेश
रिपोर्ट संदिप कुमार
कैमूर:--- बाल विवाह की रोकथाम को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी, भभुआ के कार्यालय प्रकोष्ठ में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, जीविका दीदियों एवं विकास मित्रों ने भाग लिया। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह एक गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत SDO को मुख्य दंडाधिकारी तथा BDO को सहायक बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाह की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में BDO, BEO एवं CDPO को विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अनुमंडल पदाधिकारी ने जन-जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए जीविका दीदियों और विकास मित्रों को अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया। साथ ही, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया, ताकि आम लोग संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना दे सकें। बैठक में प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे विवाह कार्डों पर बाल विवाह निषेध संबंधी संदेश अनिवार्य रूप से अंकित करें। वहीं, मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल एवं टेंट हाउस संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि वे नाबालिगों के विवाह में किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान न करें। मंदिरों के पुजारियों एवं प्रबंधन समितियों को भी 19 अप्रैल को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। अनुमंडल पदाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि बाल विवाह में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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