भिवंडी मनपा का 1,179 करोड़ का बजट कटघरे में, आय कम–खर्च ज्यादा पर उठे सवाल
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Mar 31, 2026
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भिवंडी। भिवंडी महानगरपालिका द्वारा प्रस्तुत 1,179 करोड़ रुपये के बजट को लेकर शहर में बहस तेज हो गई है। मनपा की कमजोर आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज और सीमित आय के बीच पेश किए गए इस बजट पर वित्तीय संतुलन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आंकड़ों के अनुसार, मनपा पहले से ही करीब 225 करोड़ रुपये के कर्ज और बकाया भुगतान के बोझ तले दबा हुआ है। इसमें पानी आपूर्ति, बिजली बिल और ठेकेदारों के लंबित भुगतान शामिल हैं। इसके बावजूद बड़े आकार का बजट पेश किए जाने से मनपा की वित्तीय योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि मनपा की आय के प्रमुख स्रोत सीमित हैं। हर महीने मिलने वाली जीएसटी अनुदान राशि का बड़ा हिस्सा वेतन और पेंशन में खर्च हो जाता है। ऐसे में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। बजट में मामूली बचत दर्शाई गई है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग बताई जा रही है। शहर में सड़कों की खराब हालत, जलभराव, स्वच्छता की कमी और अधूरी परियोजनाएं पहले से ही नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। सोमवार को आयोजित विशेष महासभा में बजट पर चर्चा के दौरान भी अव्यवस्था देखने को मिली। कई नगरसेवकों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही, जिससे इस महत्वपूर्ण बैठक की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लग गया। विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि बजट में वास्तविक आय और खर्च के बीच संतुलन का अभाव है। उनका कहना है कि बिना ठोस आय के स्रोत बढ़ाए बड़े खर्चों की योजना बनाना व्यावहारिक नहीं है। फिलहाल, मनपा प्रशासन का दावा है कि प्रस्तावित योजनाओं के माध्यम से शहर के विकास को गति दी जाएगी। हालांकि, नागरिकों और जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि यह बजट कागजों से निकलकर जमीन पर कितना उतर पाता है।


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