विश्वशांति हेतु जारी अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ- सीमा योगभारती
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Mar 06, 2026
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अनिल कुमार सिंह
ब्यूरो चीफ भोजपुर । आपने देश के विभिन्न हिस्सों में मां भगवती के प्राचीन और पौराणिक मंदिरों को देखा होगा पर मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील अंतर्गत पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में मां का एक ऐसा भव्य और विशाल मंदिर बना हुआ है। जहां पिछले 30 वर्षों से मां का अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ विश्वशांति की स्थापना हेतु अनंत काल के लिए अनवरत जारी है।
इस भव्य मंदिर का निर्माण इस युग के अवतारी पुरुष धर्मसम्राट युगचेतना पुरुष परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के द्वारा कराया गया है। गुरुवर श्री ने मां आदि शक्ति जगदम्बा के साक्षात् दर्शन प्राप्त कर आम जनमानस को मां की कृपा दिलाने हेतु 15 अप्रैल 1997 को इस दिव्य अनुष्ठान का शुभारंभ एक छप्पर से प्रारंभ किया था जिसे आज एक विशाल मंदिर का रूप दिया गया है। श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ मंदिर में महिषासुरमर्दिनी माता की छवि के साथ ही माँ शेरावाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती, महाकाली, गणपति देव, हनुमान जी, ब्रह्मा, विष्णु, महेश एवं भैरव जी की छवियाँ स्थापित हैं, जिनका नित्यप्रति पूजन सद्गुरुदेव जी महाराज के द्वारा किया जाता है।
इस अखण्ड अनुष्ठान की ऊर्जा का वह प्रभाव है कि आज देशभर में अलग-अलग हजारों स्थानों पर नित्यप्रति, श्री दुर्गाचालीसा पाठ के क्रम समाजहित में शक्तिसाधकों के द्वारा सम्पन्न कराए जा रहे हैं। एक दुर्गा चालीसा पाठ करने का जो लाभ प्राप्त होता है वह बड़ी बड़ी साधनाओं को करने के बाद भी नहीं प्राप्त हो सकता।
धर्मसम्राट् युग चेतना पुरुष सद्गुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज, माता भगवती आदिशक्ति जगत् जननी जगदम्बा के उपासक हैं उन्होंने मां के साक्षात् दर्शन प्राप्त किए और यह पथ समाज को भी प्रदान किया है। ‘माँ’ की महिमा से हर मानवमन परिचित हो सके, ‘माँ’ की ज्योति हर घर में प्रज्ज्वलित हो व ‘माँ’ की सहज-सरल भक्ति समाज अपना सके, इसीलिए सद्गुरुदेव जी महाराज ने सिद्धाश्रम में श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ प्रारम्भ कराया है। सिद्धाश्रम धाम को इस अद्वितीय क्रम का वह गौरव प्राप्त है, जो इस सम्पूर्ण धरा पर किसी भी धार्मिक स्थल को प्राप्त नहीं है।


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