सनातन पर आघात सिंदूर पर आफत

चांदी और सोने की कीमतों में गिरावट आई पर खरीददारों के मन माफिक नहीं 

संवाददाता श्याम सुंदर पांडेय कि रिपोर्ट

दुर्गावती (कैमूर):- सनातन धर्म के मुताबिक हिंदू समाज में वैवाहिक कार्यक्रम में मांग में मांग टीका नाक में नथुनी पैर की अंगुली में बिछिया पांव में पायल का विधान जो है वह परम आवश्यक है। लेकिन आज के परिवेश में सनातन धर्म के अनुसार शादी करने में पसीने छूट रहे हैं, कारण महंगाई कि दर सिंदूर दान पर और श्रृंगार पर आफत बनकर सामने छाई हुई है। सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल के कारण गरीब परिवार से लेकर मध्यम वर्गीय परिवार अपनी बेटियों के शादी के लिए कर्ज की दल दल में धस्ते चला जा रहा है। जो देश कभी विश्व में सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था वह देश डॉलर और पैसे की नीति के चलते या राजनीतिक मजबूरियों के कमजोरी के कारण आज सुहाग पर आफत बना हुआ है। सनातन धर्म के अनुसार शादी और ब्याह में कोई गहना बने या न बने लेकिन मांगटीका बिछिया और पायल जरूरी माना जाता है। लेकिन सरकार की नीतियों ने देश की तमाम गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं पर महंगाई के चलते आर्थिक आफत बनकर सामने खड़ी है जिसके कारण लोग न नाक ढक रहे हैं न मांग। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ महिलाओं को बराबर के हक का नारा आज खोखला साबित हो रहा है। उद्योगपति और पूंजीपति तो अपना शौक सिंगार पूरा कर लेते हैं और कर लेगे लेकिन उन मध्यम वर्गीय और गरीब परिवार का क्या होगा। गरीबों की बात करने वाली सरकार तथा राजनेता ऐसे विषम मुद्दों पर कब सवाल उठाएंगे और मुंह खोलेगी तथा कब तक महंगाई की दरे कम होगी। वैसे तो बाजार में प्रत्येक सामान का दाम आसमान छू रहा है आदमी परेशान है और उसका सामना भी कर रहा है लेकिन सनातन धर्म के अनुसार वैवाहिक परंपरा पर क्या करें यदि जगह जमीन बेच देगा तो खाएगा क्या। विश्व का ऐसा कोई देश नहीं है जहां सनातन धर्म के अनुसार नाक की नथुनी पांव का पायल गले का मंगल सूत्र और मांग का मांग टीका  पैर के अंगुली का बिछिया आवश्यक हो। ऐसी स्थिति में सरकार को चाहिए कि इसको ध्यान में रखते हुए सोने और चांदी की कीमत पर रोक लगाया जाय अन्यथा इन पांच प्रमुख गहनों पर नीति निर्धारण कर कम से कम पांच प्रकार के इन गहनों को सस्ता किया जाए। ऐसे देखा जाए तो इस महीने चांदी व सोने की कीमतों में गिरावट आई है पर खरीददारों के मन माफिक नहीं है।

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