यूजीसी बिल को जल्द से जल्द हटाया जाए- राजेश त्रिवेदी
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jan 31, 2026
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संवाददाता पारस नाथ दुबे
डिहरी आनसोन रोहतास।एक देश एक समाज एक परिवार और नियम अलग वो भी जनतांत्रिक देश में कदापि उचित नहीं। माँ सरस्वती के मंदिर स्कूल में बच्चों के साथ भेद-भाव वो भी जातीयता के आधार पे बिल्कुल अनुचित है। इस तरह का क़ानून देश को कमजोर करेगा और भारत का भविष्य युवा पीढ़ी बचपन से ही जातीयता के आधार पर विभाजित हो जाएगा और आपस में नफ़रत के भावना को जन्म देगा।
ये कैसी विडंबना है और कैसी कोशिश है जो किसी को समझ में ही नहीं आ रहा और हर चौक चौराहों पर इसकी निंदा की जा रही। मत बाँटो समाज को मत रौंदो बचपना को इसका आगाज आने वाले दिनों में समाज और देश को खोखला कर देगी।
आने वाली पीढ़ी कभी अपने परिवार को और देश के सत्ताधारियों को माफ नहीं करेगी। सत्ता आएगी और जाएगी लेकिन देश को खोखला करने वाली रणनीति विद्वेष को जन्म देगी।
मैं यूजीसी बिल के विरोध में अपना हस्ताक्षर दर्ज करता हूँ और भारत सरकार से निवेदन करता हूँ की जल्द से जल्द इस बिल को पूर्ण रूप से हमेशा के लिए हटाया जाए।


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