एसएसटी द्वारा जब्त की गई राशि


रोहतास। बिहार विधानसभा निर्वाचन-2025 के अंतर्गत एसएसटी एवं व्यय प्रकोष्ठ द्वारा की गयी जब्ती ।


विधानसभा निर्वाचन-2025 के दौरान आदर्श आचार संहिता के प्रभावी अनुपालन एवं निष्पक्ष,शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रोहतास द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है। इस क्रम में स्थैतिक निगरानी दल, फ्लाइंग स्क्वाड टीम तथा व्यय प्रकोष्ठ की टीमों द्वारा जिले के सभी विधानसभा-क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जाँच,तलाशी एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसअभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को प्रलोभन देने हेतु उपयोग की जाने वाली नकद राशि, अवैध शराब, नशीले पदार्थ, कीमती धातुएँ एवं अन्य मुफ्त वितरण की वस्तुओं को जब्त करना है।

07 नवम्बर 2025 तक के आँकड़ों के अनुसार, जिला रोहतास के सातों विधानसभा क्षेत्रों — चेनारी, डेहरी, दिनारा, काराकाट, करगहर, नोखा और सासाराम में एसएसटी और व्यय प्रकोष्ठ की सक्रियता से अब तक कुल 166.96 लाख मूल्य की जब्ती की गयी है। इसमें नकद राशि 21.59 लाख, अवैध शराब 35,421.37 लीटर, जिसका मूल्य 131.87 लाख, नशीले पदार्थ 4.39 लाख एवं अन्य वस्तुएँ एवं फ्रीबीज 9.12 लाख मूल्य की शामिल हैं। विधानसभावार जब्ती का विवरण इस प्रकार है-चेनारी विधानसभा क्षेत्र में 18.85 लाख, डेहरी में 26.95 लाख, दिनारा में 12.25 लाख, काराकाट में 29.53 लाख, करगहर में 24.61 लाख, नोखा में 23.40 लाख तथा सासाराम में 31.36 लाख की जब्ती की गयी है। इनमें सबसे अधिक मात्रा में शराब काराकाट एवं सासाराम विधानसभा क्षेत्रों से जब्त की गयी है,जो प्रशासन की सघन कार्रवाई का परिणाम है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- जिलाधिकारी उदिता सिंह के मार्गदर्शन एवं नियंत्रण में व्यय प्रकोष्ठ, पुलिस प्रशासन, उत्पाद विभाग, आयकर विभाग तथा विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से यह कार्रवाई की जा रही है। सभी निगरानी दलों को निर्देशित किया गया है कि वे आगामी मतदान तक निरंतर सतर्कता बनाए रखें एवं किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल रोक लगायें। जिला प्रशासन द्वारा आम जनता एवं मतदाताओं से अनुरोध किया गया है कि वे स्वतंत्र, निर्भीक एवं निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें, क्योंकि किसी भी प्रकार का प्रलोभन, नकदी, शराब या उपहार के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास लोकतांत्रिक के विरुद्ध है। ऐसे किसी भी मामले की सूचना तुरंत सीविजिल मोबाइल ऐप अथवा जिला नियंत्रण कक्ष में दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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