नहीं रहे पूर्व प्रधानाध्यापक पंडित शारदा प्रसाद तिवारी

चंद्र प्रकाश पाण्डेय की रिपोर्ट 


सुल्तानपुर जनपद के करौंदी कला विकास खंड स्थित हाजीपुर बरूआर  ग्राम सभा के निवासी, पूर्व प्रधानाध्यापक तथा प्रसिद्ध कर्मकांडी पंडित शारदा प्रसाद तिवारी का  82 वर्ष की उम्र में 10 सितम्बर 2025 दिन बुधवार को हृदयाघात से निधन हो गया। यद्यपि उन्हें कोई समस्या नहीं थी और वह पूर्ण स्वस्थ दिख रहे थे। प्रतिदिन की भाँति वह उस दिन भी अपनी साइकिल से अपने प्रियजनों से मिलने जुलने क्षेत्र के भेला गाँव में गए थे ,जहाँ अचानक उन्होंने अपने को कुछ असहज पाया। जैसे ही उन्होंने इसकी चर्चा वहाँ उपस्थित लोगों से किया, लोगों को कुछ समझ आने से पहले ही वह वहीं गिर पड़े । उपस्थित लोग उन्हें लेकर नजदीकी डाक्टर शाहिद के पास ले गए जहाँ थोड़े से प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने उनको जौनपुर रेफर कर दिया। जहाँ इलाज के दौरान ही उनका देहावसान हो गया । अगले दिन परिवार समाज के लोगों ने गोमती नदी के तट, अमिलिया घाट पर उनका दाह संस्कार कर किया। तिवारी जी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी मृत्यु का समाचार सुनने के उपरांत शोक संवेदना प्रकट करने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है।

तिवारी जी प्रकांड विद्वान होने के साथ साथ अत्यंत सरल स्वभाव के धनी थे तथा सभी विद्वतजनों का अभिमानरहित होकर सम्मान करते थे। उनकी इसी सरलता ने उन्हें अधिक लोकप्रिय बना दिया था। इनके बड़े सुपुत्र पंडित संतोष तिवारी जी काशी विश्वनाथ की सेवा में रहते हैं  तथा छोटे पुत्र पंडित अशोक तिवारी जी अध्यापन कार्य में सेवा दे रहे हैं।

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