जहां प्रज्वलित होगी योगाग्नि से पंचज्योति - सीमा योगभारती


अनिल कुमार सिंह

 

ब्यूरो चीफ भोजपुर । वर्तमान में जब पूरा वातावरण दू 'षित है, तो इसमें न हम साधनायें कर सकते हैं, न ही अपनी आंतरिक चेतना को जाग्रत् कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यकता है अतीतकालीन ऋषियों-महात्माओं के आश्रमों जैसे वातावरण से परिपूर्ण एक चैतन्य आश्रम की, जहाँ का पूर्ण वातावरण सात्त्विकता से परिपूर्ण हो, जहाँ का कण-कण चैतन्य हो और जो समाज के वर्तमान वातावरण से प्रभावित न हो, जहाँ प्रवेश करते ही मनुष्य के दूषित विचार नष्ट हो जायें, उसे आत्मिक शान्ति मिले और वह प्रकृतिसत्ता की नजदीकता का भान करे, उस स्थान पर बैठकर वह अपनी आन्तरिक चेतना जाग्रत् करके अपने जीवन को संवार सके, असमर्थ से सामर्थ्यवान् बन सके।

अपनी साधना तपस्या तथा संकल्प के बल पर गुरुवर श्री ने मां जगतजननी का साक्षात्कार किया और इस समाज में व्याप्त अनीति अन्याय अधर्म को मिटाकर जन जन में मां की चेतना भरने के लिए तथा सतयुग की स्थापना हेतु गुरुवर श्री ने 108 महाशक्ति यज्ञों का संकल्प लिया है। जिसमें से 8 महाशक्ति यज्ञों को समाज के अलग अलग क्षेत्रों में प्रमाण हेतु किया गया है। श्री शक्तिपुत्र महाराज द्वारा किए हर यज्ञों में बरसात हुई है। शेष 100 महाशक्ति यज्ञों को सिद्धाश्रम धाम में संपन्न किया जाएगा। गुरुवर श्री ने कहा है कि एक महाशक्ति यज्ञ में 11 दिन का समय लगता है जिसमें मां के चरणों में अखंड साधनाओं में बैठ कर यज्ञ कुंडो में आहुतियां देनी होती है। आने वाले समय में यह समाज एक ऋषि के द्वारा किए गए यज्ञों की शक्ति को देखेगा कि कैसे अनीति अन्याय अधर्म करने वाले राजसक्ता कैसे धराशाही होते है और पूरे विश्व में कैसे मांमय वातावरण बनता है। 


वर्तमान समय में पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम मध्यप्रदेश में यज्ञ स्थली का निर्माण कार्य चल रहा है जो जल्द ही निर्मित होगा।जिसमें समाज का कर्तव्य है कि उसमें अपना योगदान करे। सदगुरुदेव जी महाराज का कहना है कि इन महाशक्तियज्ञों के द्वारा किसी भी असंभव कार्य को भी संभव किया जा सकता है। इन महाशक्तियज्ञों की विशेषता है कि इनके संपन्न होते समय माता भगवती जगत जननी जगदंबा जी की विशेष कृपा रहती है और यह यज्ञ चाहे जिस मौसम में हो, बरसात अवश्य होती है। इसी से समझा जा सकता है कि इन यज्ञों की क्षमता क्या है? यह महाशक्तियज्ञ प्रकृति की किसी भी घटना को कम करने या टालने की सामर्थ्य रखते हैं।

जय माता की जय गुरुवर की।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट