कल्याण-डोम्बिवली मनपा चुनाव - भाजपा के 14 तो शिवसेना (शिंदे गुट) के 4 उम्मीदवार निर्विरोध विजयी

कल्याण। कल्याण–डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम दिन शुक्रवार, 2 जनवरी को सियासी तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आई। विपक्षी दलों के बड़ी संख्या में उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लिए जाने के चलते चुनाव से पहले ही महायुति को निर्णायक बढ़त मिल गई है। मौजूदा स्थिति में महायुति के कुल 20 नगरसेवक निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जिससे महापालिका की सत्ता महायुति के हाथों में जाने के संकेत स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) के 6 और भारतीय जनता पार्टी के 14 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। मनसे, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया और वंचित बहुजन आघाड़ी के कई प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए, जिसका सीधा लाभ सत्ताधारी महायुति को मिला। अब तक मनसे के 5, शिवसेना (उद्धव गुट) के 6, कांग्रेस के 3, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया का 1 तथा वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवारों ने चुनाव मैदान से नाम वापस ले लिया है। इसके परिणामस्वरूप अनेक प्रभागों में भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।

भाजपा की ओर से विभिन्न प्रभागों में 14 उम्मीदवार निर्विरोध विजयी रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से पैनल क्रमांक 18 अ से रेखा राजन चौधरी, 26 क से आसावरी नवरे, 26 ब से रंजना मितेश पेणकर, 27 अ से मंदा पाटील, 24 ब से ज्योती पवन पाटील, 26 अ से मुकुंद पेडणेकर, 27 ड से महेश बाबुराव पाटील, 19 क से साई शिवाजी शेलार, 23 क से हर्षदा हृदयनाथ भोईर, 23 ड से जयेश म्हात्रे, 23 से दीपेश म्हात्रे, 30 अ से रविना अमर माळी, 19 अ से पूजा योगेश म्हात्रे तथा 19 ब से डॉ. सुनीता पाटील का समावेश है। इन सभी प्रभागों में या तो विपक्षी उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल नहीं किया अथवा बाद में अपना नामांकन वापस ले लिया।

वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से भी 6 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनमें पैनल क्रमांक 24 अ से रमेश म्हात्रे, 28 अ से हर्षल राजेश मोरे, 24 क से वृषाली रणजीत जोशी, 24 ड से विश्वनाथ राणे, 28 ब से ज्योती राजन मराठे और 11 अ से रेश्मा किरण निचळ शामिल हैं।

मतदान के बिना ही बड़ी संख्या में सीटें हाथ लगने के बाद महायुति ने महापौर पद पर भी अपना दावा मजबूत कर लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा समीकरणों को देखते हुए कल्याण–डोंबिवली महानगरपालिका में महायुति की सत्ता लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, आगामी चरणों में शेष प्रभागों के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी, लेकिन नामांकन वापसी के बाद उभरी तस्वीर ने नगर की राजनीति की दिशा पहले ही स्पष्ट कर दी है।

रिपोर्टर

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