एचआईवी/एड्स को लेकर भेदभाव खत्म करने पर जोर, हरिऔध कलाभवन में जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित


आज़मगढ़ जिला एड्स समन्वय समिति आज़मगढ़ एवं उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसायटी, लखनऊ के निर्देशानुसार सोमवार को हरिऔध कलाभवन के प्रेक्षागृह में जनपद स्तरीय एचआईवी/एड्स एडवोकेसी एवं संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।मुख्य चिकित्साधिकारी की अनुपस्थिति में प्रभारी सीएमओ डॉ. अब्दुल अजीज़ ने कहा कि एचआईवी/एड्स को केवल बीमारी नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती के रूप में देखने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जागरूकता और सरकारी प्रयासों से अब इसकी जांच, उपचार एवं परामर्श की सुविधाएं सुलभ हैं, लेकिन समाज में फैले भेदभाव को समाप्त करना सबसे बड़ी आवश्यकता है।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के प्रति आज भी सामाजिक भेदभाव देखा जाता है, जिसे दूर करने के लिए निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने जरूरी हैं।कार्यशाला की थीम “सुरक्षा से संपूर्ण सुरक्षा तक” रही, जिस पर दिशा टीम द्वारा जानकारी दी गई। नोडल अधिकारी डॉ. पूनम कुमारी ने समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार एवं उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला। वेदांता ग्रुप नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने नाटक के माध्यम से एचआईवी/एड्स पर जागरूकता संदेश दिया।जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वाई. प्रसाद ने कहा कि एचआईवी और टीबी जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर जागरूकता आवश्यक है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों व स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्मिकों को सम्मानित किया गया।कार्यशाला में आगामी जनवरी माह में ब्लॉक स्तरीय संवेदीकरण कार्यक्रमों के माइक्रोप्लान पर भी चर्चा की गई।

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