श्रम विभाग का छापा, ऑटो पार्ट्स दुकान से एक बाल श्रमिक विमुक्त

जिला संवाददाता संदीप कुमार की रिपोर्ट 

कैमूर--  बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन सख्त रवैया अपनाए हुए है। इसी क्रम में गुरुवार को श्रम संसाधन विभाग कैमूर के तत्वावधान में मोहनिया प्रखंड में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। श्रम अधीक्षक कैमूर के निर्देश पर गठित धावादल ने विभिन्न ढाबों और दुकानों का निरीक्षण किया, जिसमें एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया है। धावादल ने मोहनिया में जीटी रोड स्थित मुंडेश्वरी मैरिज लॉन के समीप 'बबलू ऑटो सर्विस एंड स्पेयर्स पार्ट्स' नामक दुकान पर छापेमारी की। वहां काम कर रहे एक बच्चे को टीम ने रेस्क्यू किया। विमुक्त बाल श्रमिक मोहनिया का ही निवासी बताया जा रहा है। रेस्क्यू के बाद बच्चे को तत्काल जिला बाल संरक्षण इकाई, कैमूर के सुपुर्द कर दिया गया। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (मोहनिया) राजीव रंजन निखर, जो इस धावादल का नेतृत्व कर रहे थे, ने बताया कि दोषी नियोजक (दुकान मालिक) के खिलाफ 'बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986' की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। साथ ही 'न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948' के तहत भी कार्रवाई होगी। विभाग के अनुसार, विमुक्त बाल श्रमिक को तत्काल सहायता राशि के रूप में 3,000 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, माननीय उच्चतम न्यायालय के 'एम सी मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य' मामले में दिए गए आदेश के आलोक में दोषी नियोजक से प्रति बाल श्रमिक 20,000 रुपये की वसूली की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दोषी पाए जाने पर कोर्ट द्वारा 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना और 6 महीने से 2 साल तक की सजा का प्रावधान है। श्रम अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जिले में बाल श्रम के खिलाफ यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा। 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना और 14-18 वर्ष के किशोरों से खतरनाक नियोजनों में काम कराना संज्ञेय अपराध है। छापेमारी दल का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (LEO) मोहनिया राजीव रंजन निखर कर रहे थे। टीम में दुर्गावती के LEO अजीतेश कुमार तिवारी, रामगढ़ के LEO जयगोपाल नाथ सरकार, चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य विनोद कुमार और पुलिस बल के जवान शामिल थे।

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