
“एक का सौ” के लालच में फंस रहे है मजदूर, पुलिस प्रशासन नाकाम
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Aug 31, 2025
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तीन दर्जन से ज्यादा मटका अड्डे सक्रिय, विधानसभा तक गूंज चुकी है आवाज़
भिवंडी। भिवंडी में मटका जुए का कारोबार तेजी से फैल रहा है। “एक का सौ” की लालच दिखाकर मजदूरों और गरीब तबके की दिनभर की मेहनत की कमाई लूटी जा रही है। हालत यह है कि शहर के अलग-अलग इलाकों में तीन दर्जन से ज्यादा अवैध अड्डे खुलेआम संचालित हो रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, खाड़ीपार पुल, म्हाडा कॉलोनी, कांदा-बटाटा मार्केट, तीन बत्ती परिसर, फरहान-हसीन टाकीज और पुरानी मनपा इमारत के आसपास सक्रिय चिट्ठी राइटर्स मजदूरों को आसान पैसा कमाने का झांसा देकर कंगाल बना रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा धंधा निजामपुर पुलिस स्टेशन की सीमा में पुलिस उपायुक्त कार्यालय और सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय से महज 300 मीटर की दूरी पर भी बेरोकटोक चल रहा है।
शांतिनगर, भोईवाडा, नारपोली और भिवंडी शहर पुलिस थानों के इलाकों में भी यही हाल है। समाजवादी पार्टी के विधायक तक विधानसभा में इस अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई का नतीजा शून्य ही रहा। फिलहाल, पुलिस उपायुक्त परिमंडल-2 के अंतर्गत आने वाले छह थाना क्षेत्रों में तीन दर्जन से अधिक मटका जुए के अड्डे सक्रिय बताए जा रहे हैं। यह स्थिति न सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि शहर की युवा पीढ़ी और गरीब मजदूरों के भविष्य पर भी खतरे की घंटी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर तत्काल कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो यह अवैध धंधा पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लेगा। प्रशासन की चुप्पी और मूकदर्शक बनी पुलिस की भूमिका ने सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या भिवंडी में मटका माफिया पुलिस से ज्यादा ताकतवर हो गया है?
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