भिवंडी का मौत का तालाब: प्रशासन की लापरवाही ने छीनी 48 वर्षीय शख्स की जान

दरगाह दिवान शाह परिसर का तालाब बना खतरा, सुरक्षा दीवार के अभाव में हादसे पर हादसे – महानगर पालिका जिम्मेदार


भिवंडी। भिवंडी शहर में शनिवार की रात एक और दर्दनाक हादसा हुआ। दरगाह दिवान शाह परिसर में स्थित तालाब में समरूबाग निवासी 48 वर्षीय शकील अंसारी की डूबने से मौत हो गई। किराए के मकान में पत्नी और बच्चों के साथ रहने वाले शकील की इस आकस्मिक मौत से परिवार तबाह हो गया। लेकिन इस मौत का असली जिम्मेदार कोई और नहीं, बल्कि भिवंडी महानगर पालिका प्रशासन है, जो वर्षों से इस तालाब की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। यह तालाब दशकों पुराना है, जिसकी चारदीवारी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आसपास की घनी स्लम बस्तियों में रोजाना सैकड़ों बच्चे खेलते हैं और बरसात में तालाब लबालब भर जाता है। इसके बावजूद पालिका ने कभी भी ठोस कदम नहीं उठाए। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर हादसे के बाद सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति होती है, लेकिन तालाब की सुरक्षा दीवार की मरम्मत या नई दीवार बनाने का काम जानबूझकर टाला जा रहा है।निवासियों का कहना है कि यह हादसा कोई पहला नहीं है। इस तालाब ने कई बार मासूम जिंदगियां निगली हैं, लेकिन महानगर पालिका प्रशासन केवल हादसों के बाद बयानबाज़ी कर अपनी जिम्मेदारी से बच निकलता है। जनता का सवाल है कि आखिर कब तक लोग इस लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे ?स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने कदम उठाए होते तो शकील अंसारी आज जिंदा होते। यह हादसा महज़ एक दुखद घटना नहीं, बल्कि पालिका की नाकामी का खुला सबूत है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन जागेगा या यह तालाब आगे भी जिंदगियां निगलता रहेगा?

रिपोर्टर

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