सावन के पहले सोमवार को झारखंडी मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, मेला जैसा रहा नजारा

संवाददाता पारसनाथ दुबे की रिपोर्ट 

डेहरी(रोहतास)---  सावन माह के पहले सोमवार को अनुमंडल मुख्यालय शहर स्थित भोलेनाथ के झारखंडी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।  

जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से पहुंचे भक्तों ने मंदिर परिसर को हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजा दिया।  बुजुर्ग, नौजवान और बड़ी संख्या में महिलाएं कतारबद्ध होकर बारी-बारी से शिवलिंग पर जल चढ़ाते नजर आए।   कई श्रद्धालु रात से ही लाइन में लगे थे ताकि सुबह सबसे पहले बाबा का जलाभिषेक कर सकें। मंदिर के चारों ओर भक्ति का माहौल था और जगह-जगह भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया था। कांवड़ियों के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा परिसर शिवमय हो गया था। मंदिर कैंपस के बाहर विशाल मेले का आयोजन हुआ, जहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी।   मेले में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही, जो फूल, बेलपत्र और नारियल खरीदने में व्यस्त दिखीं। प्रसाद, पूजा सामग्री की दुकानों के अलावा फल-फूल के स्टॉल भी खूब सजे हुए थे।  

 बच्चों के लिए झूले, खिलौने और महिलाओं के लिए चूड़ी-बिंदी, मेहंदी और श्रृंगार का सामान आकर्षण का केंद्र बना।   बाजार में रंग-बिरंगी दुकानें लगने से पूरे क्षेत्र का नजारा मेला जैसा प्रतीत हो रहा था।  

 कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की थी।  प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश-निकास द्वार बनाए थे।  महिला पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी विशेष रूप से तैनात किए गए थे। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था की गई थी।   सुरक्षा कर्मी लगातार माइक से लोगों से शांति बनाए रखने और कतार में चलने की अपील करते रहे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।  

 मंदिर समिति के सदस्यों ने भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।  श्रद्धालुओं का कहना था कि झारखंडी मंदिर में जल चढ़ाने से मन को विशेष शांति मिलती है।  देर शाम तक जलाभिषेक और दर्शन का सिलसिला जारी रहा, जिससे सावन के पहले सोमवार का दिन आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।  



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