पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का डीएम ने की समीक्षा बैठक


रोहतास।आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं रूफटॉप सोलर अधिष्ठापन में तेजी लाने के लिए सोमवार को जिला पदाधिकारी, रोहतास दीपक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई।


बैठक का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना तथा अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ना था।


जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने पर केंद्र सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। उन्होंने बताया कि 1 किलोवाट पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर ₹78,000 तक की सब्सिडी उपलब्ध है। साथ ही, सोलर संयंत्र स्थापना के लिए बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। बता दें की जिले में अब तक 371 उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर सोलर पैनल का अधिष्ठापन सुनिश्चित कराया जाए। 


जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा अधिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को विशेष रूप से सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने बताया कि यह योजना बिजली बिल कम करने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सोलर संयंत्र के लिए लिए गए ऋण का भुगतान शहरी क्षेत्रों में 4 से 5 वर्ष तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 7 से 8 वर्ष की अवधि में किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है। साथ ही एकरारनामा की शर्तों के अनुसार सोलर प्लेट को 7 वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


उन्होंने बताया कि 150 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए 2 किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर संयंत्र उपयुक्त है। सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर उसके राशि का समायोजन बिजली बिल में किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि प्रति किलोवाट सोलर संयंत्र के लिए लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं।


विद्युत विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराएं और स्वच्छ ऊर्जा एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।


बैठक में विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. इंद्रदेव कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता सासाराम ई. ब्रवीम, विद्युत कार्यपालक अभियंता डेहरी ई. संतोष कुमार, जिले के सभी सहायक एवं कनीय विद्युत अभियंता सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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