लाखों की नगदी के साथ लगभग 10 लाख के जेवरात लें चोर हुए फरार, प्रशासन, डॉग स्क्वायड, फॉरेंसिक जांच टीम दीख रही लाचार
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jan 19, 2026
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पुलिस की कार्यशैली पर उठे रहे गंभीर सवाल, क्षेत्र अधिकांश चोरी की वारदातों में डॉग स्क्वाड फॉरेंसिक जांच टीम रही नाकाम-- क्षेत्र में बढ़़ती वारदातों से ग्रामीणों में आक्रोश
बिहार-- कैमूर जिला अंतर्गत कुदरा थाना क्षेत्र के डेरवां पंचायत वार्ड क्रमांक-4 में रविवार की अहले सुबह बेखौफ चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम देते हुए, लाखों की नगदी के साथ लगभग 10 लाख के जेवरात लें चोर हुए फरार, स्थानीय प्रशासन, डॉग स्क्वायड व फॉरेंसिक जांच टीम भी दीख रही लाचार। घटना डेरवां गांव निवासी बीरबल सिंह यादव के घर की है, जहाँ बेटी की शादी की खुशियाँ मातम जैसी चिंता में बदल गई हैं। चोरों ने बड़े ही शातिराना ढंग से घर से लाखों रुपए नगद के साथ लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और कीमती कपड़े़ चोरी कर लिए। हैरत की बात यह है कि चोरी की कई बारदातों में डॉग स्क्वायड के साथ ही फॉरेंसिक जांच टीम आने के बावजूद भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं।इस तरह की घटनाएं पुलिसिया गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोल दें रही है। जानकारी के अनुसार, बीरबल सिंह यादव के घर में शादी की तैयारियाँ चल रही थीं। शनिवार की रात पूरा परिवार काम निपटा कर सोया था। रात करीब 2:00 बजे चोर छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। चोरों ने सबसे पहले उन कमरों की कुंडी बाहर से लगा दी जिनमें परिवार के सदस्य सो रहे थे। इतना ही नहीं, कुंडी को गमछे से मजबूती से बांध दिया गया ताकि कोई बाहर न निकल सके। इसके बाद चोरों ने आराम से कमरे में रखी अलमारी और बक्सों को खंगाला और शादी के लिए बनवाए गए जेवरात समेत परिवार के अन्य सदस्यों के गहने लेकर चंपत हो गए। चोरों की शातिर प्लानिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने घर के आसपास लगे एलईडी बल्बों को पहले ही निकाल दिया ताकि चारों तरफ अंधेरा बना रहे, और उनकी पहचान न हो सकें। सुबह जब परिवार के सदस्यों ने बाहर निकलने की कोशिश की और दरवाजा बंद पाया, तब शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद घर के अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए।
प्रशासन की सक्रियता पर उठ रहे सवाल
घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 और कुदरा थानाध्यक्ष नंदू कुमार मौके पर पहुंचे पर मीडिया कर्मियों की सवाल जवाब से प्रशासनिक अधिकारी नजर चुराते दिखे। साक्ष्य जुटाने के लिए डॉग स्क्वायड और एफएसएल की टीम भी बुलाई गई, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा। थानाध्यक्ष द्वारा पीड़ित परिवार को थाने में आवेदन सौंपने की बात कहकर पल्ला झाड़़ने की सोच रखा गया, पर पीड़ित परिवार द्वारा प्रशासन को आवेदन भी सौंपा गया, अब देखना यह होगा कि की हर बार की तरह थाना प्रशासन द्वारा आवेदन की मांग कर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है, या चोर पकड़ आगे की भी करवाई किया जा रहा है।
अपराधी बेखौफ
क्षेत्र वासियों का कहना है यदि सचमुच देखा जाए तो लगातार क्षेत्र में हुए चोरी की अधिकांश वारदातों में उद्भेदन न होने के कारण घटनाएं बढ़़ रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की सुस्ती के कारण अपराधी बेखौफ हैं। वहीं नाम न छापने के शर्त पर क्षेत्र की चौकीदारों का कहना है कि चौकीदारों से 112 नंबर की टोल फ्री गाड़ी ड्यूटी लिया जाता है, जिस वजह से अपने क्षेत्र में भी गश्त करने का समय नहीं मिलता है। पुलिस की गश्त केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है।पीड़ित बीरबल सिंह यादव ने बताया कि घर में बेटी की शादी की तैयारी जोर-शोर से चल रही थी। जीवन भर की जमा पूंजी से जेवरात बनवाए थे, जिसे चोरों ने एक झटके में पार कर दिया। अब परिवार के सामने शादी को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।


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