
कांग्रेस का आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जिला मुख्यालय शहर भभुआं स्थित कार्यालय में किया गया तोड़फोड़, तो भाजपा ने कहा अभद्रता से बचने के लिए मढ़ रहे तोहमत
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, ब्यूरो चीफ कैमूर
- Aug 30, 2025
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कब इन राजनीतिक पार्टियों के द्वारा राष्ट्र में विद्वेष फैला दिया जाएगा यह कहना मुश्किल है
जिला संवाददाता संदीप कुमार की रिपोर्ट
कैमूर-- प्रदेश में विधानसभा सभा चुनाव के नजदीक आते ही प्रदेश सहित जिले में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक तनाव गहरा गया है,कब इन राजनीतिक पार्टियों के द्वारा राष्ट्र में विद्वेष फैला दिया जाएगा यह कहना मुश्किल है। जिला के कांग्रेस पार्टी का आरोप है की भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जिला मुख्यालय शहर भभुआं स्थित कार्यालय में किया गया तोड़फोड़, तो भाजपा ने कहा की विगत दिनों तथाकथित महागठबंधन के मंच से अभद्रता पूर्वक शब्दों से बचने के लिए मढ़ रहे हैं तोहमत। ताजा घटनाक्रम में, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने भभुआं थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। इस घटना से जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।कांग्रेस द्वारा दर्ज कराए गए आवेदन के अनुसार, 12 नामजद सहित दर्जनों अज्ञात भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान कार्यालय में रखी कुर्सियों को तोड़ दिया गया, झंडा फहराने वाले चबूतरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया और सबसे आपत्तिजनक बात यह कि संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के चित्र को भी नुकसान पहुंचाया गया है। कांग्रेस ने इस घटना को भाजपा की तानाशाही और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में निम्न स्तर पर उतरने का प्रमाण बताया है।वहीं, इस मामले में जब भाजपा जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय से जब दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पांडेय ने कांग्रेस पर ही अपने कार्यालय में तोड़फोड़ कर भाजपा कार्यकर्ताओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।भाजपा जिला अध्यक्ष ने इस कांग्रेस पर पलटवार करते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई थी, जो कि किसी भी दृष्टिकोण से शोभनीय नहीं है। उन्होंने इस तरह की बयानबाजी की कड़ी निंदा की और कहा कि राजनीतिक मतभेद होने चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत आक्षेप और परिवार पर हमले की अनुमति नहीं दी जा सकती। वही इस तरह की अभद्रता से बचने के लिए तोहमत मढ़ रहे हैं।इस घटना के बाद से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में तनाव व्याप्त है। पुलिस ने कांग्रेस की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। देखना होगा कि यह राजनीतिक विवाद और कौन सा नया मोड़ लेता है। जिले में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ऐसी घटनाओं से राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है। सत्ता पर काबिज होने के उद्देश्य से ,कब इन राजनीतिक पार्टियों के द्वारा राष्ट्र में विद्वेष फैला दिया जाएगा यह कहना मुश्किल है।
जनता से अपील
इन राजनीतिक पार्टियों के चक्कर में न पड़, अपनी भविष्य को अंधकारमय होने से बचाएं।
रिपोर्टर